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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Video: राहुल गांधी ने 'मृत' वोटरों के साथ ली चाय की चुस्की, कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना

Published: Wed, 13 Aug 2025 10:30 PM (IST)

राहुल गांधी ने बिहार में मतदाता सूची से लाखों लोगों को बाहर करने के मुद्दे पर चुनाव आयोग पर निशाना ...और पढ़ें

राहुल गांधी ने जीवित लोगों को ड्राफ्ट सूची में मृत दिखाने को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा।(फोटो: राहुल गांधी)
राहुल गांधी ने जीवित लोगों को ड्राफ्ट सूची में मृत दिखाने को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा।(फोटो: राहुल गांधी)

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण में लाखों लोगों को बाहर किए जाने के खिलाफ अपनी वोट अधिकार यात्रा शुरू करने से पहले ही राहुल गांधी ने जीवित लोगों को ड्राफ्ट सूची में मृत दिखाने को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा।

राज्य की एक विधानसभा सीट के उन सात मतदाताओं जिन्हें चुनाव आयोग की ड्राफ्ट सूची में मृत करार दिया गया है उनके साथ बुधवार को चाय की चुस्की लेते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जीवन में बहुत दिलचस्प अनुभव हुए हैं, लेकिन कभी ''मृत लोगों'' के साथ चाय पीने का मौका नहीं मिला था।

राहुल गांधी ने 'मृत मतदाताओं' के साथ पी चाय

इस अनोखे अनुभव के लिए चुनाव आयोग को धन्यवाद। राहुल गांधी ने बिहार के राघोपुर विधानसभा के सात जीवित मतदाताओं जिन्हें चुनाव आयोग के एसआईआर में ''मृत'' बताया गया है उनके साथ बुधवार को चाय की चुस्की पर चर्चा का वीडियो एक्स पर साझा भी किया।

राम इकबाल राय, हरेंद्र राय, लालमुनि देवी, बचिया देवी, लालवती देवी, पूनम कुमारी और मुन्ना कुमार जिन्हें एसआईआर ड्राफ्ट मतदाता सूची में मृत दिखाया गया है को लेकर दिल्ली लेकर आए राजद सांसद सुधाकर ¨सह इन्हें राहुल गांधी के घर लेकर पहुंचे।

वैसे चुनाव आयोग ने उन लोगों की सूची सार्वजनिक रूप से प्रकाशित नहीं की है जिन्हें उसने मृत, प्रवासी आदि घोषित किया है।

जैसा कि राजद नेता ने राहुल गांधी को बताया कि जमीनी स्तर पर हमारी टीमें इन लोगों की पहचान केवल इसलिए कर पाईं क्योंकि वे अनौपचारिक रूप से 2-3 मतदान केंद्रों में चुनाव आयोग की आंतरिक जानकारी प्राप्त करने में कामयाब रहीं। उनके अनुसार यह कोई लिपिकीय त्रुटि नहीं बल्कि स्पष्ट रूप से राजनीतिक मताधिकार से वंचित करने का मामला है।

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