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पुतिन के भारत में पैर रखते ही एक्टिर हो जाएगी 5-लेयर सिक्योरिटी, जमीन से आसमान तक अभेद्य सुरक्षा

Published: Wed, 03 Dec 2025 11:17 PM (IST)Updated: Thu, 04 Dec 2025 12:08 AM (IST)

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली में उनके आगमन ...और पढ़ें

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। (फाइल)

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। (फाइल)

HighLights

  1. पुतिन की भारत यात्रा: पांच-स्तरीय सुरक्षा

  2. दिल्ली में आधुनिक तकनीक से निगरानी

  3. खुफिया एजेंसियों द्वारा संभावित खतरों का आकलन

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। उनकी भारत यात्रा से पहले एक पांच-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के शीर्ष कमांडो, स्नाइपर्स, ड्रोन, जैमर और एआइ निगरानी शामिल हैं। पुतिन के प्लेन से उतरते ही पांच-स्तरीय सुरक्षा घेरा सक्रिय हो जाएगा।

चार दर्जन रूसी सुरक्षाकर्मी पहुंच चुके हैं भारत

यात्रा के दौरान सर्वोच्च सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रूस से चार दर्जन से ज्यादा शीर्ष सुरक्षाकर्मी पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। दिल्ली पुलिस और एनएसजी के अधिकारियों के साथ, ये अधिकारी रूसी राष्ट्रपति के काफिले के हर रास्ते की गहन जांच कर रहे हैं।

राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए स्थापित एक नियंत्रण कक्ष ड्रोन के जरिये हर समय उनके काफिले पर नजर रखेगा। कई स्नाइपर्स राष्ट्रपति की आवाजाही के रास्ते पर नजर रखेंगे। पुतिन की सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर की गई तकनीकी तैनाती में जैमर, एआइ निगरानी और चेहरे की पहचान करने वाले कैमरे जैसे उपकरण शामिल हैं।

चप्पे-चप्पे पर नजर

सुरक्षा दल में शामिल सभी लोग नियंत्रण कक्ष के लगातार संपर्क में रहेंगे। एनएसजी और दिल्ली पुलिस के अधिकारी बाहरी सुरक्षा घेरे का हिस्सा होंगे, जबकि रूसी राष्ट्रपति के सुरक्षा बल आंतरिक सुरक्षा घेरे की जिम्मेदारी संभालेंगे। जब पुतिन प्रधानमंत्री मोदी के साथ होंगे, तो प्रधानमंत्री की सुरक्षा करने वाले भारत के विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के कमांडो आंतरिक सुरक्षा घेरे में शामिल होंगे।

जिस होटल में पुतिन ठहरेंगे, उसकी भी जांच की जा रही है। इसके अलावा रूसी सुरक्षा अधिकारी उन जगहों की जांच कर रहे हैं, जहां पुतिन जाने वाले हैं। साथ ही, संभावित आकस्मिक स्थलों की एक सूची भी तैयार की गई है और इन इलाकों की भी जांच की जा रही है।

मॉस्को से लाई जा रही है पुतिन की कार

पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था का एक बड़ा आकर्षण आरस सीनेट है, जो एक भारी बख्तरबंद लग्जरी लिमोजीन है। रूसी राष्ट्रपति इसी का इस्तेमाल करते हैं। पुतिन की यात्रा के लिए सीनेट को मास्को से लाया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस साल की शुरुआत में चीन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मोदी के साथ सीनेट में सवार हुए थे।

चलता फिरता किला कही जाने वाली सीनेट कार रूसी वाहन निर्माता कंपनी आरस मोटर्स ने बनाया है। 2018 में पेश की गई सीनेट पुतिन की आधिकारिक सरकारी कार है और यह ''कोर्टेज'' परियोजना का हिस्सा है, जो सरकारी उपयोग के लिए घरेलू लग्जरी और बख्तरबंद वाहन बनाने का एक रूसी कार्यक्रम है।

स्त्रोत: जागरण रिसर्च