यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'छद्म युद्ध, आईएस भारत के लिए बड़ी प्रमुख चुनौतियां', NIA प्रमुख बोले- हमें लोकतंत्र मजबूत करना होगा
एनआइए के प्रमुख सदानंद दाते ने शनिवार को कहा कि छद्म युद्ध और आइएस भारत के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। ...और पढ़ें

HighLights
- छद्म युद्ध (प्रॉक्सी वॉर) और आईएस भारत के लिए बड़ी चुनौतियां
- एनआइए प्रमुख बोले स्वतंत्र न्यायपालिका, हमारी सबसे बड़ी उपलब्धियां हैं
पीटीआई, पुणे। एनआइए के प्रमुख सदानंद दाते ने शनिवार को कहा कि छद्म युद्ध (प्रॉक्सी वॉर) और आईएस भारत के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जिम्मेदार संस्थानों के भीतर भ्रष्टाचार को समाप्त करना होगा।
आईएस देश के लिए बड़ा खतरा
पुणे में एक कार्यक्रम में भारत की आंतरिक सुरक्षा और इसकी चुनौतियां विषय पर व्याख्यान देते हुए एनआइए प्रमुख ने कहा, छद्म युद्ध और आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट (आइएस) देश के लिए बड़ा खतरा हैं। कुछ देश छद्म युद्धों के जरिये हमारी प्रगति में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें लोकतंत्र को मजबूत करना होगा।
एनआइए प्रमुख ने कहा कि भारत को आतंकवाद, माओवाद, अलगाववाद और पूर्वोत्तर में बांग्लादेश और म्यांमार से घुसपैठ सहित कई आंतरिक खतरों का सामना करना पड़ रहा है। हमने इनमें से कई चुनौतियों पर काबू पा लिया है।
हमारा संविधान और लोकतंत्र, साथ ही स्वतंत्र न्यायपालिका, हमारी सबसे बड़ी उपलब्धियां हैं, क्योंकि इन्हीं ने हमें सफल होने में सक्षम बनाया है। एनआइए प्रमुख ने महाराष्ट्र की विशिष्ट आतंकवाद निरोधी एजेंसी फोर्स वन की स्थापना के दौरान के अपने अनुभव को भी याद किया।
