क्वालिटी कंट्रोल आर्डर MSME मैन्यूफैक्चरिंग के लिए PLI जैसा बूस्टर, घरेलू निर्माण को मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार इन दिनों उपभोक्ता वस्तुओं से लेकर कई छोटे-छोटे औद्योगिक वस्तुओं के लिए क्वालिटी कंट्रोल आर्डर जारी कर रही है। इस साल 60 से अधिक वस्तुओं के लिए क्वालिटी कंट्रोल नियम को लागू किया जाना है । एमएसएमई सेक्टर के उद्यमियों का कहना है कि सरकार का यह फैसला उनके लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) की तरह काम करेगा ।

राजीव कुमार, नई दिल्ली। सरकार इन दिनों उपभोक्ता वस्तुओं से लेकर कई छोटे-छोटे औद्योगिक वस्तुओं के लिए क्वालिटी कंट्रोल आर्डर जारी कर रही है। इस साल 60 से अधिक वस्तुओं के लिए क्वालिटी कंट्रोल नियम को लागू किया जाना है।
पीएलआई की तरह काम करेगा सरकार का फैसला
एमएसएमई सेक्टर के उद्यमियों का कहना है कि सरकार का यह फैसला उनके लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) की तरह काम करेगा क्योंकि क्वालिटी कंट्रोल आर्डर के लागू होने से उस वस्तु का आयात काफी कम हो जाता है और घरेलू बाजार उनके लिए खाली हो जाता है।
इसकी मुख्य वजह है कि जिन देशों से भारत में इस वस्तुओं का आयात किया जाता है, वहां की मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियां पहले भारतीय मानक ब्यूरो से सर्टिफिकेट हासिल करेंगी, फिर भारत में माल भेज सकेंगी। मानक ब्यूरो के अधिकारी के आने-जाने के खर्च से लेकर अन्य तमाम खर्च का वहन उस देश की कंपनी को करना होगा। इसलिए क्वालिटी कंट्रोल नियम लागू होने के बाद बहुत कम विदेशी कंपनियां यह प्रक्रिया पूरी कर पाती है।
खिलौना के आयात में आई कमी
दो साल पहले खिलौने के निर्माण और आयात के लिए क्वालिटी कंट्रोल नियम लागू किया गया था। उसके बाद खिलौने के आयात में 80 प्रतिशत तक की कमी आई, जिससे खिलौने के घरेलू निर्माण में भारी इजा-फा हुआ और खिलौने के निर्यात में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
मैन्यूफैक्चरिंग बढ़ाने पर सरकार देती है इंसेंटिव
उद्यमियों ने बताया कि प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव के तहत मैन्यूफैक्चरिंग बढ़ाने पर सरकार इंसेंटिव देती है। क्वालिटी कंट्रोल नियम के लागू करने से पूरा घरेलू बाजार सरकार घरेलू मैन्यूफैक्चरर्स को सौंप देती है क्योंकि आयात कम होने से प्रतिस्पर्धा कम रह जाता है। उन्हें पता होता है कि जो सामान वे बनाएंगे, उसकी बिक्री हर हाल में होगी।
निर्यात बढ़ाने में मिलती है मदद
क्वालिटी कंट्रोल घरेलू स्तर पर लागू होने से उनके निर्माण की गुणवत्ता भी बढ़ती है, जिससे निर्यात बढ़ाने में मदद मिलती है। एमएसएमई से जुड़े उद्यमियों ने बताया कि तीन दिन पहले सीलिंग फैन के निर्माण के लिए क्वालिटी कंट्रोल आर्डर जारी किया गया है। इसका फायदा यह होगा कि छह महीने बाद इस नियम के लागू होने से सीलिंग फैन के आयात में भारी कमी आएगी और सीलिंग फैन बनाने वाले छोटे उद्यमियों को अपना उत्पादन बढ़ाने का पूरा मौका मिलेगा।
पोटेबल पानी बोतल के लिए भी जारी किया गया नियम
हाल ही में घरेलू तौर पर इस्तेमाल होने वाले लाइटर व पोटेबल पानी बोतल के लिए भी क्वालिटी कंट्रोल नियम जारी किया गया है। अब तक घरेलू स्तर पर बिकने वाली ऐसी वस्तुएं पूरी तरह से आयातित होती है। किसी प्रकार के क्वालिटी कंट्रोल नहीं होने से घटिया मेटेरियल का इस्तेमाल कर इनका निर्माण किया जाता है जिसे सस्ते दाम पर भारत में बेचा जाता है।
फुटवियर के घरेलू उत्पादन में होगा इजाफा
हाल ही में फुटवियर के लिए क्वालिटी कंट्रोल को लेकर आदेश जारी किया गया है। फुटवियर निर्माताओं के मुताबिक शुरू में क्वालिटी कंट्रोल के मानकों को पूरा करने में थोड़ी दिक्कतें जरूर आएंगी, लेकिन आने वाले समय में फुटवियर के घरेलू उत्पादन में भारी इजाफा होना तय है क्योंकि अब चीन से इसका आयात लगभग समाप्त हो जाएगा।
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