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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

India Post Payment Bank: डाकिया चिट्ठी ही नहीं बैंकिंग सेवाएं भी पहुंचाएगा आपके द्वार

By Manish NegiEdited By:
Published: Sat, 01 Sep 2018 10:43 AM (IST)Updated: Sat, 01 Sep 2018 10:08 PM (IST)

डाकिया बैंक खाता खोलने से लेकर आपका पैसा जमा करने का काम करेगा। इस सेवा में देश के हर जिले में एक शाखा होगी।

India Post Payment Bank: डाकिया चिट्ठी ही नहीं बैंकिंग सेवाएं भी पहुंचाएगा आपके द्वार
India Post Payment Bank: डाकिया चिट्ठी ही नहीं बैंकिंग सेवाएं भी पहुंचाएगा आपके द्वार

नई दिल्ली, जेएनएन। देशभर में आज से इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आइपीपीबी) की शुरुआत होने जा रही है। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस योजना का उद्घाटन करेंगे। इस बैंक के शुरू होने के साथ ही डाकिया बैंक की सुविधा हर घर तक पहुंचा देगा। बैंकिंग सुविधा की इस होम डिलिवरी के जरिये सरकार समाज में हाशिये पर खड़े आखिरी व्यक्ति को वित्तीय मुख्यधारा में शामिल करने में सफल होगी। इस योजना के शुरू होने के बाद चिट्ठी पहुंचाने वाला डाकिया आपके द्वार बैंकिंग सेवाएं भी पहुंचाएगा। डाकिया बैंक खाता खोलने से लेकर आपका पैसा जमा करने का काम करेगा।

क्या है योजना की खासियत
इस सेवा में देश के हर जिले में एक शाखा होगी। तीन लाख डाकियों के माध्यम से बैंकिंग सेवाएं सीधे घर तक दी जाएंगी। पोस्ट ऑफिस के वर्तमान खाताधारकों को भी इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की सुविधा स्वत: मिल जाएगी।इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक विश्व का सबसे बड़ा बैंकिंग नेटवर्क होगा जो विशेषत: ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान देगा।आइपीपीबी द्वारा तीसरे पक्ष की तरफ से भी कई वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें छोटे कर्ज, बीमा, निवेश और डाकघर बचत खाता शामिल हैं। इसके साथ ही डाकिये के पास पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन होगी, जिससे ग्राहक मोबाइल और डीटीएच रिचार्ज, बिजली, पानी एवं गैस आदि के बिल सहित बीमा आदि की किश्तों का भी भुगतान कर सकेंगे।

डेढ़ लाख से ज्यादा डाकघर योजना में शामिल
आइपीपीबी के लाभों को जनता तक पहुंचाने के लिए वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम भी चलाया जाएगा। लोगों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। आइपीपीबी के लांच के साथ डाकघरों की 650 शाखाएं और 3,250 सेवा केंद्रों पर इसकी सेवा उपलब्ध होगी। देश के कोने-कोने में स्थित 1.55 लाख सेवा केंद्र (डाक घर) और तीन लाख से अधिक पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवक शामिल हैं। इसके चलते देश में ग्रामीण बैंक शाखाओं की संख्या 49,000 से बढ़कर 1,30,000 हो जाएगी।