नई दिल्ली, जेएनएन। लालकिले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह को इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में दर्शक मिले। प्रधानमंत्री के भाषण को 13 करोड़ 30 लाख दर्शकों ने सुना और देखा। पिछले साल प्रधानमंत्री के लालकिले की प्राचीर से दिए गए भाषण को 10 करोड़ 90 लाख लोगों ने देखा था, जबकि 2018 में दर्शकों की संख्या 12 करोड़ 10 लाख रही थी। इस लिहाज से देखें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकप्रियता में अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ डाला है। इस वर्ष प्रधानमंत्री के भाषण को 152 चैनलों पर लाइव दिखाया गया था।

एक और बड़ी बात ये हुई कि लालकिले पर आयोजित इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह को चार अरब साठ करोड़ मिनट (व्यूइंग मिनट) देखा गया। किसी कार्यक्रम को कितने मिनट तक दर्शकों ने देखा, इसकी गणना उसका प्रसारण करने वाले टीवी चैनलों की संख्या के साथ-साथ चैनलों पर उनके दर्शकों द्वारा बिताए समय के आधार पर होती है। दर्शकों की संख्या जारी करने वाली संस्था बार्क ने ये आंकड़े जारी किए हैं।

बताते चलें कि ये आंकड़ें कोरोनो संकट के दौरान मोदी के देश को संबोधन के आंकड़ों से अधिक हैं। इसके पहले जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के लिए पूजा की थी तब उस कार्यक्रम को 16 करोड़ 30 लाख लोगों ने देखा था और उस कार्यक्रम को सात अरब से अधिक व्यूइंग मिनट मिले थे।

भाषण का केंद्रबिंदु रहा आत्मनिर्भर भारत

धानमंत्री नरेंद्र मोदी के 74वें स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में 'आत्मानिर्भर भारत' केंद्र बिंदु रहा, उन्होंने भारत के विकास को विविध क्षेत्रों में फैलाने के लिए एक व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की और कहा कि कोरोना वायरस महामारी देश को आत्मनिर्भरता की ओर जाने से नहीं रोक सकती। इसी के साथ उन्होंने  कहा कि देश को 'मेक इन इंडिया' के साथ-साथ 'मेक फॉर वर्ल्ड' के मंत्र के साथ आगे बढ़ना होगा। लाल किले की प्राचीर से अपनी सातवें सीधे स्वतंत्रता दिवस के भाषण में, मोदी ने शनिवार को एक नई डिजिटल घोषणा की जिसमें राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत की गई।

Edited By: Shashank Pandey