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    PM Modi: इंटरनेट मीडिया में पीएम मोदी की जमकर प्रशंसा, नेटिजन्स ने बताया 'सुपरह्यूमन'

    By Jagran News Edited By: Abhinav Atrey
    Updated: Sat, 02 Mar 2024 06:15 AM (IST)

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद जबर्दस्त जन अपील और सार्वजनिक जुड़ाव रखते हैं। इसके पीछे का कारण उनका पद या कद नहीं बल्कि देश की प्रगति और विकास के लक्ष्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता व समर्पण है। नेटिजन्स इसकी जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी आगे बढ़कर नेतृत्व करने और व्यक्तिगत प्रयास से एक उदाहरण स्थापित करने में विश्वास करते हैं।

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    इंटरनेट मीडिया में पीएम मोदी की जमकर प्रशंसा, नेटिजन्स ने बताया 'सुपरह्यूमन'। (फाइल फोटो)

    आईएएनएस, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद जबर्दस्त जन अपील और सार्वजनिक जुड़ाव रखते हैं। इसके पीछे का कारण उनका पद या कद नहीं, बल्कि देश की प्रगति और विकास के लक्ष्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता व समर्पण है। नेटिजन्स इसकी जमकर प्रशंसा कर रहे हैं।

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    प्रधानमंत्री मोदी आगे बढ़कर नेतृत्व करने और व्यक्तिगत प्रयास से एक उदाहरण स्थापित करने में विश्वास करते हैं। चाहे वह रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान 'यम नियम' का 11 दिवसीय कठोर अनुष्ठान हो या पार्टी का कठिन प्रचार कार्यक्रम, वह नित नए मानक स्थापित करने का प्रयास करते हैं।

    सुबह आठ बजे झारखंड-बंगाल रवाना हुए

    अनुकरणीय नेतृत्व का नवीनतम प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार तड़के तक भाजपा की मैराथन केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में भाग लिया और सुबह 3.30 बजे अपने आवास के लिए रवाना हुए। बाद में सुबह आठ बजे वह झारखंड, बिहार और बंगाल की दो दिवसीय यात्रा के लिए रवाना हुए।

    क्या पीएम मोदी 'सुपरह्यूमन' हैं

    73 वर्ष की आयु में प्रधानमंत्री के इस तरह के कठोर कार्य-जीवन संतुलन ने नेटिजन्स को आश्चर्यचकित कर दिया है कि क्या वह 'सुपरह्यूमन' हैं। एक एक्स यूजर ने कहा, "काम पर उनका दिन आपके या मेरे जागने से बहुत पहले शुरू होता है। यही कारण है कि भाजपा और भारत जीत रहा है।" कुछ लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश के प्रधानसेवक होने का अपना दावा पूरा कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री की करो या मरो की प्रतिस्पर्धी भावना

    फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने कहा, "पूर्ण जीत की संभावना के बावजूद प्रधानमंत्री का समर्पण, जुनून, संदेश का निरंतर नवीनीकरण और करो या मरो की प्रतिस्पर्धी भावना उन्हें उपलब्धि हासिल करने वालों के लिए एक आदर्श बनाती है।"

    अतिरिक्त घंटे काम करने से कोई परहेज नहीं

    नेटिजन्स ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को देश से किए गए वादों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त घंटे काम करने से कोई परहेज नहीं है और यह गारंटी को महज एक चुनावी नारा नहीं, बल्कि एक प्रतिबद्धता बनाता है जिसे वह हर कीमत पर हासिल करने का प्रयास करेंगे।

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