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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सैकड़ों अपराधियों को दिलाई उम्रकैद, आतंकी कसाब की फांसी से डायरेक्ट कनेक्शन; कौन हैं उज्ज्वल निकम जो जाएंगे राज्यसभा?

Published: Sun, 13 Jul 2025 11:19 AM (IST)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राज्यसभा के लिए उज्ज्वल निकम हर्षवर्धन श्रृंगला मीनाक्षी जैन और सदानंदन मास्टर को मनोनीत किया है। ...और पढ़ें

आतंकी कसाब की फांसी से डायरेक्ट कनेक्शन (फाइल फोटो)
आतंकी कसाब की फांसी से डायरेक्ट कनेक्शन (फाइल फोटो)

HighLights

  1. उज्जवल निकम ने 600 से अधिक दोषियों को उम्रकैद और 37 को फांसी की सजा दिलाई।
  2. 26/11 आतंकी हमलों में अजमल कसाब को सजा दिलाने में निभाई अहम भूमिका।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसदीय व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चार जाने-माने लोगों को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। इन चार नामों में एक नाम आतंकवादी अजमल कसाब को फांसी की सजा दिलाने वाले मशहूर सरकारी वकील उज्ज्वल निकम भी शामिल हैं।

उज्ज्वल निकम के साथ ही पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, मशहूर इतिहासकार मीनाक्षी जैन और केरल के वरिष्ठ समाजसेवी सदानंदन मास्टर को भी संसद के उच्च सदन के लिए मनोनीत किया गया है।

26/11 मुंबई आतंकी हमले में कसाब को दिलाई थी फांसी

उज्ज्वल निकम देश के सबसे चर्चित और अनुभवी सरकारी वकीलों में गिने जाते हैं। उन्होंने 2009 में 26/11 मुंबई आतंकी हमले के एकमात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी अजमल कसाब के खिलाफ केस लड़ा और उसे फांसी तक पहुंचाया।

उस समय उनकी सुरक्षा को देखते हुए उन्हें Z+ कैटेगरी की सिक्योरिटी दी गई थी। लगभग तीन दशकों के अपने वकालत जीवन में निकम ने 600 से अधिक अपराधियों को उम्रकैद और 37 को फांसी की सजा दिलाई है।

मिल चुका है पद्मश्री अवार्ड

भारत सरकार ने 2016 में उनके कानूनी योगदान के लिए चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया था। उज्ज्वल निकम को लोगों के बीच एक निडर वकील के रूप में जाना जता है, जिनका न्यायपालिका में गहरा विश्वास है।

राजनीति में भी अजमाया हाथ

उज्जवल निकम ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्हें मुंबई नॉर्थ सेंट्रल सीट से भाजपा का प्रत्याशी बनाया गया था। बता दें, यह सीट पहले पूनम महाजन के पास थी।

हालांकि, इस चुनाव में उन्हें कांग्रेस की वर्षा गायकवाड़ से लगभग 16 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। राजनीतिक मैदान में यह उनकी पहली बड़ी परीक्षा थी।

उज्ज्वल निकम और पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला की राज्यसभा में एंट्री, राष्ट्रपति मुर्मु ने चार लोगों को किया मनोनीत