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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Odisha: राष्ट्रपति मुर्मु ने ''नए भारत के लिए नई शिक्षा" अभियान का किया शुभारंभ, केंद्रीय शिक्षा मंत्री भी रहे मौजूद

By Jagran NewsEdited By: Versha Singh
Published: Wed, 22 Nov 2023 02:34 PM (IST)

New Education for New India राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ओडिशा के संबलपुर में किलासामा मिनी स्टेडियम में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित ...और पढ़ें

राष्ट्रपति मुर्मु ने ''नए भारत के लिए नई शिक्षा" अभियान का किया शुभारंभ
राष्ट्रपति मुर्मु ने ''नए भारत के लिए नई शिक्षा" अभियान का किया शुभारंभ

HighLights

  1. 'नए भारत के लिए नई शिक्षा अभियान का शुभारंभ
  2. राष्ट्रपति मुर्मु ने की अभियान की शुरुआत
  3. केंद्रीय शिक्षा मंत्री भी रहे मौजूद

एएनआई, भुवनेश्वर (ओडिशा)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ओडिशा के संबलपुर में किलासामा मिनी स्टेडियम में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा अभियान "नए भारत के लिए नई शिक्षा" का शुभारंभ किया। इस दौरान लॉन्च कार्यक्रम में ओडिशा के राज्यपाल रघुबर दास और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान उपस्थित थे।

इवेंट को संबोधित करते हुए, धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "शिक्षा 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की कुंजी है। हमें मानव बुद्धि और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बीच चयन करना होगा।"

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा ने हमेशा समाज निर्माण में महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है।

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सेवा, समानता और सहानुभूति जैसे नैतिक और मानवीय मूल्य हमारी संस्कृति की नींव हैं और युवाओं को इन महान आदर्शों से परिचित होना चाहिए। बेहतर समाज बनाने के लिए उन्हें अपने बुजुर्ग माता-पिता और समाज के वंचित वर्ग के लोगों की देखभाल करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से बच्चों के मन में इन मूल्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा किया जाना चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि नैतिक शिक्षा हमारे जीवन निर्माण में मदद करती है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाती है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, "नैतिक शिक्षा हमें करुणा, दया, मित्रता और भाईचारे के जीवन मूल्यों से अवगत कराती है। इन गुणों वाले व्यक्ति में सकारात्मक परिवर्तन हो सकते हैं। किसी व्यक्ति में सकारात्मक परिवर्तन से बेहतर समाज बन सकता है।"

उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय चरित्र-निर्माण, आत्म-साक्षात्कार और दिव्य अनुभव के माध्यम से सुख, शांति और आनंद का मार्ग सुलभ बना रहा है।

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