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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जलीकट्टू को लेकर सुरक्षा चाक चौबंद, कुछ जगहों पर हुई पुलिस से झड़प

By Kamal VermaEdited By:
Published: Mon, 16 Jan 2017 02:30 PM (IST)Updated: Mon, 16 Jan 2017 03:07 PM (IST)

जलीकट्टू को रोकने के मकसद से तमिलनाडु में खासतौर पर अलंगनल्‍लूर में काफी संख्‍या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

जलीकट्टू को लेकर सुरक्षा चाक चौबंद, कुछ जगहों पर हुई पुलिस से झड़प
जलीकट्टू को लेकर सुरक्षा चाक चौबंद, कुछ जगहों पर हुई पुलिस से झड़प

अलंगनल्लूर (पीटीआई) । सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद तमिलनाडु में कई जगह जलीकट्टू का आयोजन किया जा रहा है। हालांकि इसकी राेकथाम के लिए पुलिस को तैनात किया गया है। जलीकट्टू आयोजन को रोकने और इस पर किसी भी तरह का विवाद रोकने के लिए सशस्त्र पुलिस को भी तैनात किया गया है। राज्य में कई ऐसे जिले हैं जहां पर इसका बड़ा आयोजन किया जाता रहा है। लिहाजा वहां पर भी काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। मदुरै के अलंगनल्लूर गांव में पुलिस ने इस आयोजन को रोकने के लिए कई जगहों पर बैरीकेट लगाए हैं।

आदेश के खिलाफ प्रदर्शन

अलंगनल्लूर में प्रसिद्ध जलीकट्टू के दौरान मैदान में सांडों को छोड़ दिया गया। यहां सैकड़ों गांववाले जलीकट्टू के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे। बता दें कि यह पांचवां दिन है जब लोग जलीकट्टू को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। कोर्ट के आदेश के खिलाफ कई जगहों पर लोगों ने विरोध स्वरूप अपने घरों पर काले झंडे भी लगाए हैं। पुलिस ने इस आयोजन से जुड़े कोर्ट के आदेश को सभी तक पहुंचाने के मकसद से लोगों से निजी तौर पर बात भी की है। इसके अलावा यह आयोजन न करने के लिए चेताया भी है। गौरतलब है कि राज्य में बड़े पैमाने पर जलीकट्टू का आयोजन किया जाता रहा है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस पर प्रतिबंध लग गया है।

सुप्रीम कोर्ट की पाबंदी के बाद भी किया गया कई जगहों पर जलीकट्टू का आयोजन

पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

मदुरै में बड़ी संख्या में लोगों ने इकट्ठा कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं मदुरै में गांववालों ने जलीकट्टू के समर्थन और PETA के खिलाफ काली रंगोली भी बनाई। अलंगनल्लूर जलीकट्टू के लिए काफी सिद्ध है।

जानवरों पर होता है अत्याचार

जानवरों के लिए काम करने वाली संस्थाएं जैसे PETA के खिलाफ नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस को लाठीचार्ज करनी पड़ी। पुलिस ने बैलों को भी जब्त कर लिया। PETA के मुताबिक जलीकट्टू में बैलों को इस हद तक डराया जाता है कि वह भागने लगे। इसके साथ ही उनकी आंखों में मिर्च और तंबाकू रगड़ दिया जाता है। इस खेल को जानवरों के साथ अत्याचार बताकर ही सुप्रीम कोर्ट में इसे बैन करने की याचिका दायर की गई थी।

प्रतिबंध का उल्लंघन कर तमिलनाडु में हुआ जल्लीकट्टू का आयोजन

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