नई दिल्ली, एजेंसी। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन का पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शुभारंभ किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सुविधा से स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि बीते सात सालों में देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का जो अभियान चल रहा है, वो आज से एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। आज एक ऐसे मिशन की शुरुआत हो रही है, जिसमें भारत की स्वास्थ्य सुविधाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की ताकत है।

उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि आज से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन भी पूरे देश में शुरू किया जा रहा है। ये मिशन देश के गरीब और मध्यम वर्ग के इलाज में होने वाली दिक्कतों को दूर करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।

हर नागरिक का हेल्थ रिकार्ड डिजिटली सुरक्षित रहेगा

इस सुविधा से सभी नागरिकों का हेल्थ रिकार्ड सुरक्षित रहेगा। पीएम ने कहा, आयुष्मान भारत- डिजिटल मिशन, अब पूरे देश के अस्पतालों के डिजिटल हेल्थ सोल्यूशंस को एक दूसरे से कनेक्ट करेगा। इसके तहत देशवासियों को अब एक डिजिटल हेल्थ आईडी मिलेगी। हर नागरिक का हेल्थ रिकार्ड डिजिटली सुरक्षित रहेगा।

ई-संजीवनी के माध्यम से घर बैठे ही डाक्टरों से जुड़ रहे लोग

पीएम ने कहा, 'कोरोना काल में टेलिमेडिसिन का भी अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। ई-संजीवनी के माध्यम से अब तक लगभग सवा करोड़ रिमोट कंसल्टेशन पूरे हो चुके हैं। ये सुविधा हर रोज देश के दूर-सुदूर में रहने वाले हजारों देशवासियों को घर बैठे ही शहरों के बड़े अस्पतालों के डाक्टरों से कनेक्ट कर रही है।'

प्रधानमंत्री ने कहा कि 130 करोड़ आधार नंबर, 118 करोड़ मोबाइल सब्सक्राइबर, लगभग 80 करोड़ इंटरनेट यूजर्स, करीब 43 करोड़ जनधन बैंक खाते इतना बड़ा कनेक्टेड इंफ्रास्ट्रक्चर दुनिया में कहीं नहीं है। ये डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर राशन से लेकर प्रशासन तक को तेज, पारदर्शी तरीके से सामान्य भारतीय तक पहुंचा रहा है।

डिजिटल हेल्थ मिशन के लांच कार्यक्रम में पीएम मोदी के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया भी मौजूद थे। इस मौके पर मांडविया ने कहा, 15 अगस्त 2020 को पीएम ने लाल किले की प्राचीर से मिशन (आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन) की घोषणा की थी। मुझे खुशी है कि वह आज इसे लांच कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। 

प्रधानमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन (पीएम-डीएचएम) के तहत सभी नागरिकों को एक विशिष्ट डिजिटल हेल्थ आइडी मुहैया कराई जाएगी जिसमें उनकी सेहत से जुड़ी सभी सूचनाएं दर्ज होंगी। इस संबंध में पीएम कार्यालय की तरफ से एक बयान भी जारी किया गया था। इसके मुताबिक, संयोगवश पीएम-डीएचएम की राष्ट्रव्यापी शुरुआत ऐसे समय पर हो रही है, जब राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की तीसरी वर्षगांठ मना रहा है।

Edited By: Neel Rajput