दिल्ली, आइएएनएस। गणतंत्र दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 जनवरी (सोमवार) को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री पहली बार वर्ष 2021-22 के पुरस्कार विजेताओं को डिजिटल प्रमाणपत्र भी सौपेंगे। 2021 के विजेताओं को भी इसी समारोह में प्रमाण पत्र दिए जाएंगे, जिन्हें पिछले साल कोविड स्थिति के कारण प्रमाण पत्र नहीं दिया जा सका था। प्रधानमंत्री ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं को डिजिटल सर्टिफिकेट देंगे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और राज्य मंत्री डॉ. मुंजपारा महेंद्रभाई भी मौजूद रहेंगे।

क्यों मिलता है राष्ट्रीय बाल पुरस्कार

राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भारत में रहने वाले 5 वर्ष से अधिक और 18 वर्ष तक के बच्चों को एक मान्यता के तौर पर दिया जाता है। ये पुरस्कार नवाचार, शैक्षिक उपलब्धि, खेल, कला एवं संस्कृति, समाज सेवा और बहादुरी जैसे 6 क्षेत्रों में असाधारण क्षमता और उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए दिया जाता है। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार और एक प्रमाण-पत्र दिया जाता है। ये पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में एक समारोह में राष्ट्रपति द्वारा दिए जाते हैं। प्रधानमंत्री हर साल इन पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत भी करते हैं।

इस साल गणतंत्र दिवस परेड में शामिल नहीं होंगे

दरअसल, राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता हर साल गणतंत्र दिवस परेड में भी हिस्सा लेते हैं। हालांकि, देश में कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए इस वर्ष पुरस्कार समारोह का आयोजन करना संभव नहीं है। 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर और आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में प्रधानमंत्री मोदी बाल पुरस्कार-(2022) के विजेताओं के साथ वर्चुअल माध्यम से बातचीत करेंगे। इसमें बच्चे अपने माता-पिता और संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट के साथ जिला मुख्यालय से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस वर्ष, देश भर से 29 बच्चों को बाल पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों के तहत चुना गया है। 

Edited By: Ashisha Rajput