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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

PM Modi ने महिलाओं से किया आग्रह, महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र के लिए नामांकन कराने की अपील

By AgencyEdited By: Shalini Kumari
Published: Sat, 29 Apr 2023 11:33 AM (IST)

पीएम मोदी ने देश की महिलाओं से अपील की है कि वे सामने आकर वे महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र (एमएसएससी) ...और पढ़ें

पीएम मोदी ने देश की महिलाओं से की अपील
पीएम मोदी ने देश की महिलाओं से की अपील

नई दिल्ली, एएनआई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को महिलाओं से आग्रह किया कि वे महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र (एमएसएससी) के लिए नामांकन करें। ट्विटर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मैं एमएसएससी (MSSC) में नामांकन के लिए और अधिक महिलाओं से भी आग्रह करता हूं। यह हमारी नारी शक्ति के लिए कई फायदे प्रदान करता है।"

केन्द्रीय मंत्री ने खुलवाया महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र खाता

एक सरकारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, इससे पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इस निवेश साधन के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त करते हुए दिल्ली के एक डाकघर में महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र (MSSC) खाता खोला। MSSC योजना की घोषणा 2023-24 के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा की गई थी और यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

लाखों लोगों को मिलेगी प्रेरणा

सरकारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने बुधवार को डाकघर जाकर खाता खोलने की सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। जिसके बाद उनका महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र खाता खोला गया और उन्हें कंप्यूटराइज्ड पासबुक सौंप दी गई। प्रेस रिलीज में कहा गया है, "केंद्रीय मंत्री के इस फैसले से लाखों लोगों को निश्चित रूप से आगे आकर अपना एमएसएससी और सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाने की प्रेरणा मिलेगी।"

दो साल के लिए वैध है योजना

यह योजना मार्च 2025 तक दो साल की अवधि के लिए वैध है। वित्त मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से अधिसूचना जारी की थी, जिसके बाद यह योजना 01 अप्रैल, 2023 से देश के 1.59 लाख डाकघरों में उपलब्ध करा दी गई है।

अलग से, सरकार ने 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर में 70 आधार अंकों तक की बढ़ोतरी की। आमतौर पर सरकार हर तिमाही में एक निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों की समीक्षा करती है।