Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    पीएम मोदी जंगल में करेंगे Animals के हित की बात! गिर नेशनल पार्क में होगी NBWL की बैठक

    Updated: Wed, 26 Feb 2025 07:45 PM (IST)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक तीन मार्च को गिर अभयारण्य में होगी। बैठक में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष हाथियों बब्बर शेरों और चीतों के संरक्षण साथ ही किसानों को हुए नुकसान की भरपाई पर चर्चा होगी। इसमें बाघ हाथी और अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी निर्णय लिए जा सकते हैं। यह बैठक कई वर्षों बाद हो रही है।

    Hero Image
    NBWL की बैठक 3 मार्च को गिर नेशनल पार्क में होगी। (फाइल फोटो)

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। वन्यजीवों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा इस बार वन्यजीवों के बीच होगी। राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड ( एनबीडब्लूएल ) ने इस बार अपनी बैठक गिर अभयारण्य में करने की तैयारी की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में यह बैठक तीन मार्च का होगी। बैठक में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित राज्यों के मुख्यमंत्री और बोर्ड से जुड़े वन्यजीव विशेषज्ञ शामिल होंगे।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    बोर्ड की यह बैठक वैसे तो हर साल होना प्रस्तावित है लेकिन इस बार यह लंबे अरसे के बाद होने जा रही है। पिछले कुछ सालों से बोर्ड का यह काम बोर्ड से जुड़ी स्थाई समिति देख रही थी। जिसके अध्यक्ष केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री है।

    वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से जुड़े सूत्रों की मानें तो देश में वन्यजीवों की तेजी से बढ़ती आबादी के साथ अब इनके बेहतर प्रबंधन की भी एक बड़ी चुनौती है। यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि देश में मानव-वन्यजीवों के बीच संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। जिसमें हर साल बड़ी संख्या में वन्यजीवों और मानव दोनों की ही मौत रही है।

    इंसानी जिंदगियों को बचाने पर भी होगा जोर

    एक रिपोर्ट के मुताबिक अकेले हाथियों के साथ संघर्ष में हर साल छह सौ से अधिक लोगों की मौतें हो रही है, जबकि करीब सौ हाथियों को भी इस संघर्ष और आबादी झगडे में जान गंवानी पड़ रही है। माना जा रहा है कि बैठक में इस संघर्ष को थामने के लिए कोई ठोस फैसला लिया जा सकता है।

    चीतों की नई खेप बसाने की संभावना

    किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई करने के लिए कुछ नए ऐलान किए जा सकते है। गिर अभयारण्य में बब्बर शेरों (एशियाटिक लायन) की बढ़ती आबादी को देखते हुए उसके क्षेत्र में भी विस्तार देने या फिर उन्हें किसी नए ठिकाने पर बसाने का फैसला लिया जा सकता है।

    • बैठक में इस साल आने वाली चीतों की खेप को बसाने को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।
    • फिलहाल इन्हें गुजरात के कच्छ और मध्य प्रदेश के गांधी सागर अभयारण्य में रखने जैसे फैसले लिए जा सकते है।

    सूत्रों के मुताबिक बैठक में एजेंडे में बाघों और हाथी प्रोजेक्ट के डाल्फिन और सोन चिरैया आदि के संरक्षण पर भी चर्चा होगी। गौरतलब है कि देश में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड का 2003 में गठन किया गया था। जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते है। साथ ही बोर्ड में केंद्रीय मंत्रियों सहित कुल 47 सदस्य होते है। इस बोर्ड का गठन प्रत्येक नई सरकार के कार्यकाल के साथ ही नए सिरे से किया जाता है।

    यह भी पढ़ें: Advantage Assam 2.0: 'पीएम मोदी असम के विकास के लिए कर रहे हर संभव प्रयास', सीएम सरमा ने जताया प्रधानमंत्री का आभार