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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नौ साल में सड़क निर्माण की रफ्तार को पीएम ने सराहा, कहा- बुनियादी ढांचे के विकास से अर्थव्यवस्था को मजबूती

By Jagran NewsEdited By: Amit Singh
Published: Wed, 26 Apr 2023 11:44 PM (IST)

पीएम मोदी ने केंद्रीय सड़क परिवर्तन मंत्री नितिन गडकरी के एक ट्वीट को साझा करते हुए लिखा कि बेहतर सड़क ...और पढ़ें

बुनियादी ढांचे के विकास से अर्थव्यवस्था को मजबूती (फाइल फोटो)
बुनियादी ढांचे के विकास से अर्थव्यवस्था को मजबूती (फाइल फोटो)

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले नौ साल में बुनियादी ढांचे के विकास की गति की सराहना की है। खासकर सड़क निर्माण के क्षेत्र में इस अवधि में किए गए प्रयासों को अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम बताते हुए पीएम ने कहा है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिहाज से गत नौ वर्ष परिवर्तनकारी रहे हैं।

राष्ट्रीय राजमार्गों के नेटवर्क में विस्तार

पीएम मोदी ने केंद्रीय सड़क परिवर्तन मंत्री नितिन गडकरी के एक ट्वीट को साझा करते हुए लिखा कि बेहतर सड़क संपर्क ने अर्थव्यवस्था के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को बहुत मजबूत किया है। गडकरी ने अपने ट्वीट में एक अप्रैल 2014 से मार्च 2023 तक राष्ट्रीय राजमार्गों के नेटवर्क में 53868 किलोमीटर की वृद्धि होने की सूचना दी थी।

सड़क का विस्तार सरकार की प्राथमिकता

गडकरी के अनुसार 2014 में अप्रैल तक देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 91,287 किलोमीटर थी, जो अब 1,45,155 किलोमीटर तक पहुंच गई है। बुनियादी ढांचे का विकास, खासकर सड़क नेटवर्क का विस्तार मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहा है। अगर पूरे देश में सड़कों के नेटवर्क की बात की जाए तो भारत (63.73 लाख किमी) दुनिया में अमेरिका (65.8 लाख किमी) के बाद दूसरे स्थान पर है। सरकारी डाटा के मुताबिक 2014-15 में जहां प्रतिदिन सड़क निर्माण की रफ्तार 12.1 किमी थी वहीं 2021-22 में यह बढ़कर 28.6 किमी हो गई।

कारिडोर आधारित हाईवे निर्माण को गती

राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की रफ्तार कारिडोर आधारित हाईवे निर्माण की रणनीति को व्यवस्थित तरीके से बढ़ावा देने के कारण तेजी के साथ बढ़ी है। सड़क निर्माण को केवल आर्थिक विकास का ही आधार नहीं माना जाता, बल्कि यह सामाजिक विकास, रक्षा क्षेत्र की मजबूती और लोगों की जीवन की बुनियादी जरूरतों तक पहुंच का भी माध्यम होता है। केंद्र सरकार ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में 12,500 किलोमीटर हाईवे निर्माण का लक्ष्य रखा है।