नई दिल्ली, एजेंसी। पीएम मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के एकता नगर में पर्यावरण मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने 2070 तक नेट जीरो का टार्गेट रखा है। अब देश का फोकस 'ग्रीन ग्रोथ' और 'ग्रीन जॉब्स' पर है। इन सभी लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हर राज्य के पर्यावरण मंत्रालय की भूमिका बहुत बड़ी है।

इस दौरान पीएम मोदी ने ग्राउंड वाटर लेवल पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आजकल हम देखते हैं कि कभी जिन राज्यों में पानी की बहुलता थी, ग्राउंड वाटर ऊपर रहता था। उन राज्यों को अब पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है। ये चुनौती सिर्फ पानी से जुड़े विभाग की ही नहीं है, बल्कि पर्यावरण विभाग को भी इसे उतना ही बड़ी चुनौती समझना होगा।

आज का नया भारत, नई सोच, नई अप्रोच के साथ बढ़ रहा आगे

पीएम मोदी ने कहा कि हम ऐसे समय मिल रहे हैं, जब भारत अगले 25 साल के लिए नए लक्ष्य तय कर रहा है। उन्होंने कहा, 'मुझे विश्वास है कि आपके प्रयासों से पर्यावरण की रक्षा में भी मदद मिलेगी और भारत का विकास भी उतनी ही तेज गति से होगा। आज का नया भारत, नई सोच, नई अप्रोच के साथ आगे बढ़ रहा है। आज भारत तेजी से विकसित होती इकोनॉमी भी है और निरंतर अपनी को भी मजबूत कर रहा है।'

पीएम मोदी ने पर्यावरण मंत्रियों से किया ये आग्रह

पर्यावरण मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश के सभी पर्यावरण मंत्रियों से आग्रह करूंगा कि राज्यों में सर्कुलर इकोनॉमी को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दें। इससे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste management) और सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति के हमारे अभियान को भी ताकत मिलेगी।

दुनिया आज भारत के साथ जुड़ रही

इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि हमारे वन आवरण (forest Cover) में वृद्धि हुई है और झीलों (wetlands) का दायरा भी तेजी से बढ़ रहा है। अपने कमिटमेंट को पूरा करने के हमारे ट्रैक रिकॉर्ड के कारण ही दुनिया आज भारत के साथ जुड़ भी रही है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि बीते सालों में शेरों बाघों, हाथियों, एक सींग के गैंडों और तेंदुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। कुछ दिन पहले ही मध्य प्रदेश में चीता की घरवापसी से एक नया उत्साह लौटा है।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan