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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

PM Modi Meditation: पीएम मोदी के ध्यान कार्यक्रम पर लगेगी रोक? विपक्ष ने जताया एतराज; पढ़ें क्या कहता है कानून

Published: Thu, 30 May 2024 10:40 AM (IST)

PM Modi Kanyakumari Meditation पीएम मोदी के 30 मई से कन्याकुमारी के विवेकानंद रॉक मेमोरियल में 48 घंटे के ध्यान ...और पढ़ें

PM Modi Kanyakumari Meditation पीएम मोदी के ध्यान कार्यक्रम पर विपक्ष ने उठाए सवाल।
PM Modi Kanyakumari Meditation पीएम मोदी के ध्यान कार्यक्रम पर विपक्ष ने उठाए सवाल।

HighLights

  1. कांग्रेस ने चुनाव आयोग को सौंपा ज्ञापन, पीएम का ध्यान कार्यक्रम का प्रसारण रोकने की मांग की।
  2. तृणमूल ने कहा- मोदी का ध्यान प्रसारित किया तो चुनाव आयोग जाएंगे, द्रमुक ने भी दी शिकायत।
  3. सरकारी सूत्रों ने कहा- चुनाव कानून के प्रविधान कई चरणों में होने वाले चुनाव के मामले में लागू नहीं।

जेएनएन, नई दिल्ली। PM Modi kanyakumari meditation कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 30 मई से कन्याकुमारी के विवेकानंद रॉक मेमोरियल में 48 घंटे के ध्यान कार्यक्रम पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि ये चुनाव आचार संहिता का सीधा-सीधा उल्लंघन है। चुनाव प्रचार थमने के बाद मोदी ध्यान के जरिये चुनावी प्रतिबंधों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 

आइए जानते हैं, कानून क्या कहता है...

क्या कहता है कानून?

  • चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री के ध्यान लगाने के कार्यक्रम पर चुनाव कानून के तहत कोई रोक नहीं है। कांग्रेस द्वारा 30 मई से कन्याकुमारी के ध्यान मंडपम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रस्तावित यात्रा के विरोध के बीच सरकारी सूत्रों ने बुधवार को यह बात कही। 
  • सूत्रों ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 का हवाला देते हुए कहा कि यह मतदान से पहले साइलेंस पीरियड के दौरान सार्वजनिक बैठकों या जनता के बीच चुनाव प्रचार पर रोक लगाती है।
  • साइलेंस पीरियड मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले शुरू होता है। अंतिम चरण में एक जून को होने वाले मतदान के लिए साइलेंस पीरियड गुरुवार को शाम छह बजे से शुरू होगा।

चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट का दिया हवाला

पीएम मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में भी इसी चरण में मतदान होना है। सूत्रों ने कहा कि हालांकि चुनाव कानून के प्रविधान कई चरणों में होने वाले चुनाव के मामले में लागू नहीं होते हैं। यानी जब चुनाव अलग-अलग तारीखों पर होते हैं। उन्होंने इस संबंध में पिछले महीने चुनाव आयोग द्वारा जारी एक प्रेस नोट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि जब तक कोई उस इलाके के बारे में बात नहीं करता है जहां चुनाव हो रहा है, तब तक इस पर कोई रोक नहीं है।

आयोग ने पीएम को 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी इसी तरह की अनुमति दी थी जब मई में अंतिम चरण के दौरान वाराणसी में चुनाव निर्धारित था।

जहां स्वामी विवेकानंद ने ध्यान लगाया था, वहीं जाएंगे मोदी 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को अंतिम चरण का चुनाव प्रचार थमने के बाद कन्याकुमारी के प्रसिद्ध विवेकानंद राक मेमोरियल में दो दिन ध्यान लगाएंगे। उनके प्रवास के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 2,000 पुलिसकर्मियों के अलावा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां कड़ी निगरानी रखेंगी। अधिकारियों ने बुधवार को तैयारियां परखीं। मोदी उसी स्थान पर ध्यान लगाएंगे जहां स्वामी विवेकानंद ने तीन दिन तक ध्यान लगाया था और विकसित भारत का सपना देखा था।

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की ये अपील

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि मीडिया द्वारा मोदी के इस ध्यान लगाने के कार्यक्रम का प्रसारण न किया जाए क्योंकि यह आचार संहिता का उल्लंघन करता है। उधर, तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी ने कहा है कि यदि मोदी का ध्यान कार्यक्रम प्रसारित हुआ तो पार्टी चुनाव आयोग से शिकायत करेगी।  

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