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'यह युद्ध का समय नहीं', रूस के बाद अब ऑस्ट्रिया से भी पीएम मोदी ने दिया शांति का संदेश, कहा- मासूमों की मौत स्वीकार नहीं

PM Modi Austria Visit रूस की धरती से युद्ध की जगह वार्ता से हल निकालने का आह्वान करने के बाद अब पीएम मोदी ने ऑस्ट्रिया से भी शांति का संदेश दिया है। विएना में पीएम ने कहा कि यह युद्ध का समय नहीं है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध में बच्चों की जान की हानि स्वीकार्य नहीं है।

By Jagran News Edited By: Sachin Pandey Wed, 10 Jul 2024 10:30 PM (IST)
पीएम मोदी तीन दिन में तीन बार युद्ध में बच्चों की मौत का मामला उठा चुके हैं। (Image: x/ @BJPLive)

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। रूस के दौरे के बाद ऑस्ट्रिया पहुंचे पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध की भयावहता को खत्म करने की बात उठाई है। मोदी ने इस बात को दोहराया है कि यह युद्ध का समय नहीं है। साथ ही हाल ही में कीव स्थित बच्चों के अस्पताल पर रूस के हमले में मारे गये यूक्रेनी बच्चों की मौत का मुद्दा भी लगातार दूसरे दिन उठाया है।

ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमर के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मोदी ने कहा कि मासूम बच्चों की जान की हानि स्वीकार्य नहीं है। पिछले तीन दिनों में भारतीय पीएम तीन बार बच्चों की मौत का मामला उठा चुके हैं। पीएम गुरुवार को सुबह भारत लौटेंगे। विएना के जिस हाल में पीएम मोदी ने शांति का संदेश रूस को भेजा है, वह बहुत ही ऐतिहासिक है।

यह युद्ध का समय नहीं: पीएम मोदी

मोदी ने कहा, '19वीं सदी में यहां ऐतिहासिक विएना कांग्रेस का आयोजन हुआ था। उस कांफ्रेंस ने यूरोप में शांति और स्थिरता को दिशा प्रदान की थी। मैंने और चांसलर नेहमर ने विश्व में चल रहे विवादों, चाहे यूक्रेन में संघर्ष हो या पश्चिम एशिया की स्थिति, सभी पर विस्तार में बात की है। मैंने पहले भी कहा है कि यह युद्ध का समय नहीं है। समस्याओं का समाधान रणभूमि में नहीं हो सकता।'

पीएम ने कहा, 'कहीं भी हो, मासूम लोगों की जान की हानि स्वीकार्य नहीं है। भारत और ऑस्ट्रिया, शांति और स्थिरता की जल्द से जल्द बहाली के लिए डायलॉग और डिप्लोमेसी पर बल देते हैं। इसके लिए हम दोनों मिलकर हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं।' इसी कॉन्फ्रेंस में ऑस्ट्रिया के चांसलर नेहमर ने कहा कि भारत एक प्रभावशाली देश है और इसकी अपनी साख है, जोकि यूक्रेन-रूस शांति प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

पीएम मोदी का लगातार तीसरे दिन संदेश

भारतीय प्रधानमंत्री की तरफ से अपने विशेष रणनीतिक साझेदार देश रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन को लगातार तीसरे दिन यह संदेश तब दिया गया है, जब अमेरिका ने भी यह माना है कि मोदी यूक्रेन-रूस युद्ध को रुकवाने में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सकते हैं। मंगलवार को अमेरिका का राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस, विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय पेंटागन, तीनों ने अलग-अलग समय पीएम मोदी की रूस यात्रा पर टिप्पणी की है।

अमेरिका की पैनी नजर

यह बताता है कि मोदी की इस यात्रा पर अमेरिका ने कितनी पैनी नजर बना रखी है। पेंटागन के प्रेस सचिव मेजर जेनरल पैट राइडर ने कहा कि भारत हमारा रणनीतिक साझेदार देश है। उसके रूस के साथ रिश्तों पर हम हमेशा से साफ तौर पर बात करते रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि भारत यूक्रेन में स्थाई शांति लाने में मदद कर सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने एक अन्य प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि रुस के साथ भारत के संबंधों को लेकर हमारी जो चिंताएं हैं, उसको लेकर हम लगातार भारत से विमर्श करते रहे हैं।

इधर, व्हाईट हाउस की प्रवक्ता कैरी जीन-पिएरे ने कहा कि भारत के पास यह क्षमता है कि वह पुतिन से युद्ध रोकने की बात कर सकता है। भारतीय प्रधानमंत्री ने सितंबर 2022 में समरकंद में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक में सबसे पहले कहा था कि यह युद्ध का समय नहीं है। मोदी के इस बयान को दुनिया के तकरीबन हर बड़े नेता ने यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर उद्धृत किया। वर्ष 2022 के जी-20 के शिखर सम्मेलन के बाद जारी घोषणा पत्र में भी इस पंक्ति का उल्लेख किया गया।

रूस की धरती से भी शांति का पैगाम

एक दिन पहले राष्ट्रपति पुतिन के साथ सालाना शिखर वार्ता में भी मोदी ने उनसे मुखातिब हो कर कहा कि जब मासूम बच्चों की मौत होती है तो हृदय छलनी हो जाता है और वह दर्द बहुत भयानक होता है। भावी पीढ़ी के भविष्य के लिए शांति बहुत जरूरी है। मैं यह भी जानता हूं कि युद्ध के मैदान में समाधान सभव नहीं है। हमें वार्ता से ही शांति का मार्ग अपनाना होगा।