नई दिल्ली, एएनआइ। पिछले एक महीने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहा है। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में जर्मनी, डेनमार्क और फ्रांस की तीन दिवसीय यात्रा की। वहीं बुद्ध जयंती पर नेपाल भी गए। अपने व्यस्त (जेट-सेटिंग) कार्यक्रम को जारी रखते हुए प्रधानमंत्री अगले सप्ताह जापान की एक और महत्वपूर्ण यात्रा पर रवाना होंगे।

रात में यात्रा करना पसंद करते हैं पीएम

गौरतलब है कि उनके कार्यक्रम (शेड्यूल) पर करीब से नजर डाली जाए तो एक पैटर्न नजर आता है। वह ज्यादातर समय बचाने के लिए रात में यात्रा करते हैं। अगले दिन प्रधानमंत्री विभिन्न आयोजनों और बैठकों में भाग लेते हैं और फिर रात भर अगले गंतव्य के लिए उड़ान भरते हैं। बता दें कि उनकी जापान यात्रा भी इस कड़ी से अलग नहीं है।

पीएम मोदी 22 मई की रात को जापान रवाना होंगे, 23 मई को सुबह टोक्यो पहुंचेंगे और सीधे काम में जुट जाएंगे। पीएम मोदी जापान में शीर्ष व्यवसायियों के साथ बैठक करेंगे और भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी अगले दिन क्वाड मीटिंग में शामिल होंगे, द्विपक्षीय बैठक करेंगे और फिर उसी रात वापस भारत के लिए उड़ान भरेंगे।

समय और संसाधनों की पीएम मोदी करते हैं बचत

हाल की यात्रा की बात करें तो पीएम मोदी ने जर्मनी और डेनमार्क में सिर्फ एक रात बिताई। इसी तरह आगामी जापान यात्रा के दौरान भी वह सिर्फ एक रात ही वहां बिताएंगे और रात में वापस यात्रा करेंगे। उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी इन देशों में कुल तीन रातें गुजारते हुए इस महीने पांच देशों का दौरा कर चुके होंगे।

पीएम मोदी के पुराने दिनों को याद करते हुए प्रधानमंत्री के करीबी सूत्र ने बताया कि नब्बे के दशक की शुरुआत में जब एक सामान्य नागरिक के रूप में वह यात्रा करते थे तो उस समय नरेंद्र मोदी विशेष फ़्रीक्वेंट-फ़्लायर कार्ड का सटीक उपयोग के लिए इस्तेमाल करते थे।

उस समय वह दिन के दौरान गंतव्यों का दौरा करते थे और आमतौर पर अंतिम उड़ान वापस लेते थे ताकि होटल में रहने के पैसे बचाए जा सकें। सूत्र ने बताया कि वह अक्सर विमान और हवाईअड्डों पर सोते थे। पीएम के करीबी सूत्रों ने कहा कि समय और संसाधनों की बचत करना उनकी आदतों में से एक बन गया है।

Edited By: Piyush Kumar