नई दिल्‍ली (ऑनलाइन डेस्‍क)। सीमा पर चीन से तनाव पैदा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को पहली बार संबोधित किया है। इससे पहले उन्‍होंने 12 मई को देश को संबोधित किया था और सरकार द्वारा किए जाने वाले आर्थिक पैकेज का एलान किया था। लेकिन तब और आज में परिस्थितियां काफी बदल गई हैं। इसके अलावा ये इसलिए भी खास है क्‍योंकि पूरे देश में अनलॉक-2 को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से गाइडलाइंस जारी कर दी गई हैं। आज का संबोधन जिस एक बिंदु पर फोकस था वो था पीएम गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना का विस्‍तार।

कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्‍या के मद्देनजर भी ये संबोधन काफी खास है। इसकी एक वजह ये भी है कि वर्तमान में न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया इस संकट का सामना कर रही है। हालांकि भारत में यदि इसके संक्रमितों की संख्‍या देखी जाए तो वो हमारी जनसंख्‍या के लिहाज से और अन्‍य देशों की तुलना में काफी कम है। वहीं भारत में इससे होने वाली मौतों का आंकड़ा भी दूसरे देशों के मुकाबले कम है जबकि हमारे यहां पर इसका रिकवरी रेट अन्‍य देशों की तुलना में कहीं अधिक है। इसका पूरा श्रेय केंद्र और राज्‍य सरकारों को जाता है। इसका जिक्र पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भी किया। 

इसके बावजूद विश्‍व में बढ़ते कोरोना के मरीज चिंता का सबब जरूर बने हुए हैं। इनकी संख्‍या एक करोड़ को पार कर चुकी है जबकि 5 लाख से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस संकट के बीच भारत भी उन देशों में शामिल हो गया है जिन्‍होंने इसकी दवा को लेकर क्‍लीनिकल ट्रायल शुरू कर दिया है। पीएम मोदी का संबोधन निश्‍चित तौर पर देश के लिए भविष्‍य का एक रोडमैप है। आइए जानें उन्‍होंने अपने संबोधन में क्‍या कुछ कहा :-

खतरनाक हो सकती है लापरवाही 

कोरोना महामारी के बाद अब हम अनलॉक2 में प्रवेश कर रहे हैं। इसके अलावा ये समय ऐसा है जब बीमारियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में आपसे प्रार्थना है कि अपना खास ध्‍यान रखें। ये सही है कि कोरोना से होने वाली मृत्‍यु दर भारत में काफी पीछे है। इसकी वजह समय पर किए गए लॉकडाउन और दूसरे फैसलों ने लाखों का जीवन बचाया है। लेकिन जबसे अनलॉक 1 हुआ है लोगों में लापरवाही बढ़ गई है। पहले मास्‍क को लेकर दो गज की दूरी को लेकर हाथ धोने को लेकर सतर्क थे लेकिन अब जब ज्‍यादा सतर्क रहने की जरूरत है तो लापरवाही चिंता का विषय है। लॉकडाउन के दौरान बेहद गंभीरता से नियमों का पालन किया गया है। सरकारों को स्‍थानीय निकायों को देश के नागरिकों को फिर से उसी तरह से सतर्कता दिखाने की जरूरत है। खासकर कंटेनमेंट जोन पर खास ध्‍यान देना होगा। नियमों का पालन न करने वालों को टोकना होगा। गांव का प्रधान और देश का पीएम नियमों से ऊपर नहीं है।

कोई गरीब न रहे भूखा 

देश की सर्वोच्‍च प्राथमिकता रही कि किसी गरीब के घर में चूल्‍हा न जले। इसको लेकर सभी ने प्रयास किया कि ऐसा कोई व्‍यक्ति भूखा न रहे। देश हो या व्‍यक्ति समय पर फैसले लेनेसे किसी भी संकट का सामना करने की शक्ति बढ़ जाती है। इसलिए लॉकडाउन होते ही पीएम गरीब कल्‍याण योजना लाई। इसके तहत गरीबों को पैकेज दिया गया है। बीस करोड़ खातों में 31 हजार करोड़ जमा कराया गया। 9 करोड़ बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपये जमा किए गए है। अब इस पर सरकार 50 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। सरकार की एक बात ने पूरी दुनिया को हैरान किया है। सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान 80 करोड़ लोगों को राशन मुफ्त दिया गया। इस दौरान सरकार ने अमेरिका और ब्रिटेन से अधिक जनसख्‍ंया को मुफ्त अनाज मुहैया करवाया है।

गरीबों को मिलेगा नवंबर तक मुफ्त राशन 

भारत में बारिश के बाद खासतौर पर कृषि क्षेत्र में ज्‍यादा काम होता है। जुलाई के बाद त्‍योहारों का भी माहौल होता है। पीएम गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना का विस्‍तार नवंबर के अंत तक कर दिया गया है। इस दौरान हर माह परिवार के हर सदस्‍य को पांच किलो गेंहू या इतना ही चावल मुफ्त दिया जाएगा। हर परिवार को एक किलो चना भी मुफ्त दिया जाएगा। इस योजना में 90 हजार करोड़ खर्च किए जाएंगे। यदि बीते तीन माह का खर्च इसमें जोड़ दें तो ये डेढ़ लाख करोड़ होता है। अब ससरकार एक राष्‍ट्र एक राशन कार्ड की योजना भी अमल में लाई जाने वाली है। इसका लाभ प्रवासी लोगों को ज्‍यादा होगा। सरकार जो भी कर रही है इसका श्रेय किसान और टेक्‍स देने वालों को ही जाता है। आने वाले समय में सरकार इस दिशा में अपने प्रयास और तेज करेगी। 

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Posted By: Kamal Verma

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