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    '90 दिन में 25 करोड़ दो नहीं तो जेल जाओगी', सोना घोटाले की आरोपी को सुप्रीम कोर्ट का अल्टीमेटम

    Updated: Thu, 06 Mar 2025 11:31 AM (IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने सोना घोटाले की आरोपी नोहेरा शेख से साफ कहा है कि या तो वे 90 दिनों के भीतर निवेशकों को 25 करोड़ रुपये लौटाएं या फिर जेल जाएं। हीरा गोल्ड एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड की प्रबंध निदेशक नोहेरा शेख पर लाखों निवेशकों से 5600 करोड़ रुपये ठगने का आरोप है। इस कारण कई राज्यों में उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई हैं।

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    सोना घोटाले की आरोपी नोहेरा शेख मामले में SC की टिप्पणी (फाइल फोटो)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोना घोटाले की आरोपी नोहेरा शेख के मामले पर सुनवाई की। नोहेरा शेख हीरा गोल्ड एक्सिम प्राइवेट लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर है। नोहेरा शेख पर 5,600 करोड़ रुपये के बड़े गोल्ड स्कैम का आरोप है।

    उन पर लाखों निवेशकों को धोखा देने का आरोप है, इस कारण कई राज्यों में उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई हैं।सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को आदेश दिया कि अगर वह 90 दिनों के अंदर निवेशकों से इकट्ठा की गई राशि का एक हिस्सा यानी 25 करोड़ रुपये वापस नहीं करती हैं, तो उन्हें हिरासत में ले लिया जाए।

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    क्या बोला कोर्ट?

    • न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि शेख 11 नवंबर, 2024 से अदालत के लगातार आदेशों की अवहेलना कर रही हैं।
    • इसके बाद पीठ ने ईडी को आदेश दिया कि अगर वह 90 दिनों के अंदर निवेशकों से लिए पैसों का एक हिस्सा यानी 25 करोड़ रुपये वापस नहीं करती हैं तो उन्हें हिरासत में ले लिया जाए।
    • अदालत ने कहा, हम आरोपी को अंतिम अवसर देते हैं कि वह तीन महीनों के अंदर 25 करोड़ रुपये जमा करें, अन्यथा उनकी जमानत रद कर दी जाएगी और प्रवर्तन निदेशालय (ED) उन्हें वापस जेल भेज देगा।

    कपिल सिब्ब्ल ने क्या दी दलील?

    वहीं शेख की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उनके पास कोई पैसा नहीं है। हालांकि, ईडी ने बताया कि शेख के स्वामित्व वाली कई संपत्तियों को जब्त कर लिया गया है, लेकिन उनके वकील ने उन संपत्तियों की लिस्ट देने के लिए कहा, जिन्हें नीलाम किया जा सकता है, लेकिन उन्होंने इसका खुलासा नहीं किया।

    सोना घोटाले की आरोपी  नोहेरा शेख ने केवल तीन संपत्तियों की डिटेल्स दी, जिनमें से तेलंगाना में दो संपत्तियों को ईडी की तरफ से नीलाम किया जा सकता है।

    SFIO मामले की जांच कर रहा है 

    गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने हीरा गोल्ड और उसके प्रबंध निदेशक से जुड़े मामले की जांच शुरू की। एसएफआईओ अभी भी मामले की जांच कर रहा है।

    कब सामने आया था मामला?

    हीरा गोल्ड और  नोहेरा शेख के खिलाफ यह मामला 2018 में सामने आया था। जब कई निवेशकों ने कंपनी और उसके प्रबंध निदेशक के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज कराई थीं। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली में कई मामले लंबित हैं।

    आभूषण और सोने की वस्तुओं का कारोबार करने वाली कंपनी ने निवेश की गई राशि पर 36 प्रतिशत लाभ देने का वादा करते हुए योजनाएं शुरू कीं। शुरुआत में, इसने लाभ का फायदा किया, लेकिन 2018 में कुछ निवेशकों ने कंपनी और नोहेरा शेख द्वारा कथित धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। उन्हें अक्टूबर 2018 में गिरफ्तार किया गया था।