वडोदरा, प्रेट्र। पाकिस्तान ने अपनी जेलों में बंद 218 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया। यह सभी कैदी गुजरात के तट से भारत पहुंच गए हैं। लेकिन कराची में जेल से रिहाई से कुछ घंटे पहले ही एक भारतीय मछुआरे की हार्ट अटैक से मौत हो गई।

गुजरात मछुआरा संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वेल्जीभाई मसानी ने गुरुवार रात को बताया कि आज जारी की गई 219 भारतीय मछुआरों की सूची में शामिल जीवा भगवान (37 वर्ष) की मौत कराची की जेल से रिहा होने से कुछ घंटे पहले ही हो गई थी। शेष सभी भारतीय मछुआरे गुजरात के रास्ते भारत पहुंचे। गिर सोमनाथ जिले की उना तहसील के खान गांव के रहने वाले यह मछुआरे सकुशल अपने घर पहुंच गए हैं।

इन मछुआरों पर पाकिस्तानी जल क्षेत्र में घुसने का आरोप था। यह सभी करीब एक साल से पाकिस्तानी जेलों में कैद थे। पिछले दस दिनों में पाकिस्तान की ओर से रिहा किए गए भारतीय मछुआरों की संख्या अब 439 हो गई है।

पाकिस्तानी जेल अधीक्षक हसन सेहतो ने बताया कि पाकिस्तान की मालिर जेल से 218 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया है। ऐसा पाकिस्तान के गृह मंत्री के आदेश पर किया गया। सेहतो ने बताया कि भारतीय मछुआरों को वाघा सीमा पर भारतीय अधिकारियों को सौंपा जाएगा। करीब 110 भारतीय मछुआरे अभी भी कराची की लांधी जेल में बंद हैं।

पिछले साल उड़ी में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंध के बावजूद पाकिस्तान ने अपनी जेलों से दूसरे चरण में भारतीय मछुआरों को स्वदेश भेजने का फैसला किया है। इससे पहले 25 दिसंबर को पाकिस्तान सरकार ने 220 भारतीय मछुआरों को जेल से रिहा किया था। उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को जन्मदिन की बधाई दी थी।

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Posted By: Gunateet Ojha

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