जम्मू, राज्य ब्यूरो। गुलाम कश्मीर में आतंकी कैंपों पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से हताश पाकिस्तान सीमा पर लगातार गोलाबारी कर बदला ले रहा है। अब तक राज्य में अंतरराष्ट्रीय सीमा व नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान 286 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर चुका है।

दोनों देशों के बीच करीब तेरह वर्षो से जारी संघर्ष विराम की धज्जियां उड़ाते हुए पाकिस्तान ने अक्टूबर महीने से अब तक सीमांत क्षेत्रों में भारी गोलाबारी कर 14 सुरक्षा कर्मियों समेत 26 लोगों की जान ली है। एक नवंबर को रामगढ़ और नौशहरा में पाक गोलाबारी में दो बच्चों समेत आठ लोगों की मौत हुई, जबकि 22 लोग घायल हुए। सीमा पर खून खराबे का सिलसिला लगातार जारी है। जम्मू संभाग के जम्मू, सांबा व कठुआ जिलों में 192 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अब तक पाकिस्तान की ओर से 186 बार हुए संघर्ष विराम उल्लंघन के मामले में से 182 सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हुए हैं। नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम के 104 मामले हुए हैं।

सीमा सुरक्षा बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 28-29 सितंबर रात को सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान ने योजनाबद्ध तरीके से सीमांत चौकियों व रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। इसका मुंहतोड़ जवाब दिया गया। पाकिस्तान ने 82 एमएम के 120 एमएम के गोले दाग कर राज्य में अब तक 85 से अधिक लोगों को घायल किया है। इस सीजन में गोलाबारी से हजारों परिवारों के बेघर होने का सीधा असर धान की खेती व शिक्षा पर पड़ा। गोलाबारी से 400 स्कूल बंद हुए।

सूत्रों के अनुसार बदला लेने की भावना से पाकिस्तान ने जम्मू संभाग में सोलह कोर के क्षेत्राधिकार में 85 बार संघर्ष विराम तोड़ा। गोलीबारी का निशाना बने अन्य इलाके कश्मीर में सेना की 15 कोर के अधीन आते हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2015 में राज्य में संघर्ष विराम उल्लंघन के 405 मामले हुए हैं। 2014 में 583 मामले हुए। गोलाबारी के 583 मामलों में से 430 अंतरराष्ट्रीय सीमा पर व 2015 में संघर्ष विराम उल्लंघन के 405 मामलों में से 253 आइबी पर हुए हैं।

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Posted By: Atul Gupta