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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हवाई हमला होने पर क्या करें, आग लगे तो कैसे बुझाएं.... कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक कैसी चल रही मॉक ड्रिल की तैयारी?

By Agency Edited By: Piyush Kumar
Published: Tue, 06 May 2025 04:31 PM (IST)Updated: Tue, 06 May 2025 04:39 PM (IST)

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को 7 मई को मॉक ड्रिल करने को कहा है। देश भर के 244 ...और पढ़ें

देश भर के 244 चिन्हित जिलों में 7 मई को बड़े पैमाने पर सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल किया जाएगा।(फोटो: पीटीआई)
देश भर के 244 चिन्हित जिलों में 7 मई को बड़े पैमाने पर सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल किया जाएगा।(फोटो: पीटीआई)

HighLights

  1. स्कूलों, दफ्तरों और समुदाय केंद्रों में होगी मॉक ड्रिल
  2. जम्मू के एक स्कूल में छात्रों को मॉक ड्रिल अभ्यास कराया गया

एएनआई, नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के मूड में है। उम्मीद जताई जा रही है की भारतीय सेना आतंकियों और उसका साथ देने वालों पर निर्णायक कार्रवाई कर सकती है। हमले के बाद पीएम मोदी की अध्यक्षता में लगातार हाईलेवल मीटिंग चल रही है।

इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को 7 मई को मॉक ड्रिल करने को कहा है। देश भर के 244 चिन्हित जिलों में 7 मई को बड़े पैमाने पर सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल के आयोजन का निर्देश दिया गया है। साल 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध के बाद पहला ऐसा अभ्यास होगा।

क्या है मॉक ड्रिल का उद्देश्य? 

स्कूलों, दफ्तरों और समुदाय केंद्रों में वर्कशॉप्स आयोजित होंगी जिनमें लोगों को गिरकर छिपने (drop-and-cover), नजदीकी शरण स्थलों का पता लगाना, प्राथमिक उपचार और मानसिक स्थिति को संभालना सिखाया जाएगा। इसके अलावा अचानक बिजली बंद कर दी जाएगी ताकि रात के समय हवाई हमले की स्थिति में शहर को दुश्मन की नजर से छिपाया जा सके।

गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में मॉक ड्रिल की शुरुआत हो गई है।

जम्मू के एक स्कूल में छात्रों को मॉक ड्रिल अभ्यास के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।

जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में एसडीआरएफ कर्मियों ने कल (7 मई) डल झील पर होने वाले मॉक ड्रिल की तैयारी के लिए अभ्यास किया।

मॉक ड्रिल के लिए गृह मंत्रालय के आदेश के बाद लखनऊ की पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल का अभ्यास किया गया।

मणिपुर ने दमकल विभाग की टीम ने तैयारियों का आकलन किया।

क्यों बजाया जाएगा सायरन?

गौरतलब है कि मॉक ड्रिल में रेड वार्निंग सायरन भी बजाए जाएंगे। पिछले कुछ साल से रूस- यूक्रेन के बीच दोनों देशों में लोगों को मिसाइल हमलों से बचने के लिए चेतावनी के तौर पर रेड सायरन बजाया जाता है।

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