नई दिल्ली, एएनआइ/ पीटीआइ। भारत ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के विभाजन के बाद जारी किया गया उसका राजनीतिक मानचित्र देश के संप्रभु क्षेत्र को सटीक दर्शाता है। पिछले सप्ताह जारी नए मानचित्र में किसी तरह से नेपाल के साथ उसकी सीमा को बदला नहीं गया है।

हमारी सीमा में कोई बदलाव नहीं                   

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'नए मानचित्र में किसी भी तरह से नेपाल के साथ हमारी सीमा में बदलाव नहीं किया गया है। उसके साथ सीमा का चित्रण करने की कवायद मौजूदा तंत्र के तहत चल रही है। हम अपने नजदीकी और मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों की भावना के अनुरूप बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने की प्रतिबद्धता दोहराते हैं।'

कालापानी क्षेत्र को लेकर नेपाल की आपत्ती               

नेपाल ने एक दिन पहले ही कालापानी क्षेत्र को कथित रूप से भारतीय क्षेत्र के तौर पर दिखाए जाने पर आपत्ति जताई थी। नेपाल सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया था कि देश के सुदूर पश्चिम स्थित कालापानी क्षेत्र नेपाली सीमा के भीतर स्थित है। भारत सरकार ने शनिवार को भारत का नया मानचित्र जारी किया था, जिसमें नवगठित केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दिखाया गया है।

स्वार्थी तत्वों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत                          

रवीश कुमार ने कहा कि दोनों देशों को उन निहित स्वार्थी तत्वों के प्रति सतर्क रहना चाहिए, जो दोनों देशों के बीच मतभेद उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। भारत सरकार की ओर से जारी नए मानचित्र में पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर नवगठित केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है जबकि गिलगित बाल्टिस्तान केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का हिस्सा है।                                 

Posted By: Manish Pandey

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