रायपुर, पीटीआइ। सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के सात ठिकानों का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बताया कि ये ठिकाने छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर थे, जहां तीन दिन के ऑपरेशन के दौरान ठिकानों का भंडाफोड़ हुआ। नक्सली ठिकानों से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया है।

एक वरिष्ठ रिजर्व अधिकारी ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग मुठभेड़ों में एक जिला रिजर्व गार्ड जवान की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) सुंदरराज पी ने पीटीआई को बताया, 'हमारे पास छत्तीसगढ़ के नारायणपुर और कांकेर जिलों और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के त्रि-जंक्शन के जंगल में माओवादियों के दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सीनियर लोगों की मौजूदगी के बारे में जानकारी थी।' 

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने मंगलवार को 'ऑपरेशन संगम' चलाया और नारायणपुर और कांकेर से अलग-अलग टीमों को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 300 किलोमीटर दूर स्थान पर भेज दिया गया। बताया गया कि ऑपरेशन में राज्य पुलिस के जिला रिजर्व गार्ड, स्पेशल टास्क फोर्स, इंडो तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 700 से अधिक जवान शामिल थे। दावा किया गया कि सुरक्षा बलों ने 2012-13 के बाद पहली बार माओवादियों के गढ़ माने जाने वाले इलाके में छापा मारा।

ऑपरेशन के दौरान, बारामटोला, कुदुलपड़, कुमलाचलमेटा, टेकमेटा और कुकुर गांवों के पहाड़ी जंगलों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच कई बार मुठभेड़ हुई और सात माओवादी ठिकानों का भंडाफोड़ हुआ। आइजी ने बताया कि बुधवार को कुकुर गांव के पास एक मुठभेड़ के दौरान एक डीआरजी जवान की मौत हो गई, जबकि एक अन्य डीआरजी कर्मी घायल हो गया। बताया गया कि ठिकाने से तीर-बम, टिफिन बम, पाइप बम, माओवादी की वर्दी, बैनर, पोस्टर, दस्तावेज और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद हुई।

Edited By: Nitin Arora