नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। एक पुरानी कहावत के मुताबिक इंसान के जीवन में जो सात सुख हैं उनमें से पहला है निरोगी काया। धन, ऐश्वर्य और परिवार भी बाद में आता है। सही भी है, अगर शरीर स्वस्थ और निरोगी नहीं होगा तो जीवन का हर सुख फीका नजर आएगा। और शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए जरूरी है पौष्टिक आहार। ईश्वर ने शरीर की संरचना कुछ ऐसे की है कि प्रत्येक अंग के लिए अलग खनिज, प्रोटीन और विटामिन लाभकारी है। तभी तो शरीर के संपूर्ण विकास के लिए संतुलित आहार लेने की सलाह दी जाती है। खान-पान में लापरवाही का अर्थ सीधे-सीधे सेहत से खिलवाड़ करना है।

बच्चों के लिए संपूर्ण आहार

- नवजात शिशुओं के लिए जीवन के शुरुआती छह महीनों में मां का दूध ही सर्वोत्तम होता है। इसके बाद दो वर्ष की उम्र तक हल्के भोजन के साथ मां का दूध अनिवार्य रूप से दिया जाए।

- बढ़ते बच्चों के भोजन में दूध, पनीर, दही और पालक व ब्रॉकली शामिल किए जाने चाहिए। इनमें कैल्शियम होता है जो हड्डियों के विकास के लिए जरूरी है।

- गेहूं, ब्राउन राइस, वनस्पति तेल, आलू, शकरकंद और केले में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और वसा बच्चों की ऊर्जा की जरूरत पूरी करेगा।

- मांसपेशियों के विकास और एंटीबॉडीज को बनाने में अंडा, दूध और मछली जैसे खाद्य पदार्थ बहुत जरूरी होते हैं।

- शरीर के सुचारू रूप से काम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन युक्त रंग-बिरंगे फल व सब्जियां आहार में शामिल करना चाहिए।

वयस्कों के लिए

- फल, सब्जी, दालों, पूर्ण अनाज (बिना प्रोसेस किए भुट्टे के दाने, जौ-बाजरा, ओट्स, गेहूं, ब्राउन राइस) भोजन में शामिल करें।

- एक दिन में काम से कम 400 ग्राम सब्जियां और फल खाएं (पांच भागों में)।

- आलू, शकरकंद और स्टार्च युक्त अन्य जड़ें फलों और सब्जियों की श्रेणी में नहीं आती हैं।

- अनसैचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थ (मछली, एवोकाडो, दाने, सूरजमुखी का तेल, ओलिव ऑयल) सैचुरेटेड फैट वाले खाद्य सामग्री (मांस, बटर, पाम व नारियल तेल, क्रीम, चीज) के मुकाबले बेहतर होते हैं।

- दिन में 5 ग्राम से अधिक नमक का सेवन न करें। दिनभर में 7-8 चम्मच शक्कर ले सकते हैं। कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट और अन्य मीठे पदार्थों का सेवन कम करें।

ऊर्जा देने वाला भोजन (कार्बोहाइड्रेट और वसा युक्त खाद्य पदार्थ)

सभी तरीके के अनाज, जौ व बाजरा, वनस्पति तेल, घी, विभिन्न दाने, तिलहन और शक्कर इस श्रेणी में आते हैं। खाद्य पदार्थों के प्रकार शरीर बनाने वाला भोजन

(प्रोटीन) : दालें, तिलहन, दूध व उसके उत्पाद, मांस, मछली, मुर्गी।

बीमारी से बचाव करने वाला भोजन (विटामिन और मिनरल): हरी पत्तीदार सब्जियां, अन्य सब्जियां, फल, अंडा, दूध और दुग्ध उत्पाद व मांसाहार।

सेहत को लेकर लोग परेशान हैं क्योंकि हमने अपने घरों में मिलने वाले और स्थानीय अनाजों और खाद्य पदार्थों की कद्र ही नहीं की। अब देखिए कैसे हल्दी को न्यूयॉर्क में वजन घटाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। और कैसे सैनफ्रांसिस्को के पांच सितारा होटल भी फ्रेंच टोस्ट पर मेपल सिरप की बजाय घी लगा रहे हैं।

ऋतुजा दिवेकर  

Posted By: Sanjay Pokhriyal