जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की स्थापना में तेजी के लिए शुरू किए गए पीएम गतिशक्ति कार्यक्रम की मदद अब सामाजिक विकास में भी ली जाएगी। सरकार ने सामाजिक सरोकार से जुड़े पांच विभाग को पीएम गतिशक्ति से जोड़ने का फैसला किया। इनमें पंचायती राज्य से लेकर स्वास्थ्य विभाग भी शामिल है। गत अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम गति शक्ति-नेशनल मास्टर प्लान कार्यक्रम की शुरुआत की थी ताकि विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर का एक साथ विकास हो सके और लॉजिस्टिक लागत में कमी आए। नेशनल मास्टर प्लान के तहत 500 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाली इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी की जाती है।

आंगनवाड़ी सेंटर की स्थापना में  किया जा सकता है पीएम गतिशक्ति डाटा का इस्तेमाल

पीएम गतिशक्ति कार्यक्रम का संचालन उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) की देखरेख में किया जा रहा है। डीपीआईआईटी सचिव अनुराग जैन के मुताबिक अब पीएम गतिशक्ति का इस्तेमाल सामाजिक विकास कार्यक्रम के लिए भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उदाहरण के लिए आंगनवाड़ी सेंटर की स्थापना में पीएम गतिशक्ति डाटा का इस्तेमाल किया जा सकता है। जिन पांच विभागों को पीएम गतिशक्ति से जोड़ा गया है उनमें स्वास्थ्य, महिला व बाल विकास, ग्रामीण विकास व पंचायती राज, शिक्षा एवं आवास व शहरी विकास विभाग शामिल हैं।

पीएम गतिशक्ति से मिलेगी कई स्वास्थ्य केंद्रों की जानकारी 

डीपीआईआईटी के मुताबिक पीएम गतिशक्ति से यह पता चल सकेगा कि किन जगहों पर स्वास्थ्य केंद्र की कमी है या वहां स्कूल नहीं है। यह डाटा सभी राज्यों के पास उपलब्ध होगा और वे अपने-अपने राज्यों में स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र खोलने की योजना आसानी से बना सकेंगे। संतुलित तरीके से सभी जगहों पर स्कूल व स्वास्थ्य केंद्र खोले जा सकेंगे। पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर रियल टाइम डाटा व सेटेलाइट तस्वीर उपलब्ध होती है जिससे एक ही जगह पर देश भर के स्कूल, अस्पताल की जानकारी मिल सकती है।

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Edited By: Piyush Kumar

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