नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। वर्ष 2019 के लिए नोबेल पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। इसमें अर्थशास्त्र के क्षेत्र में भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी का नाम भी शामिल है। उनके साथ नोबेल प्राइज विजेताओं की सूची में उनकी पत्नी एस्थर डुफलो का भी नाम शामिल है। अर्थशास्त्र के क्षेत्र में अभिजीत व उनकी पत्नी एस्थर डुफलो के अलावा माइकल क्रेमर को भी संयुक्त रूप से पुरस्कृत किया जा रहा है। इन्हें ये पुरस्कार वैश्विक गरीबी से प्रभावी लड़ाई लड़ने के लिए दिया जा रहा है।

अर्थशास्त्र के पुरस्कारों की घोषणा करते हुए बताया गया है कि तीनों संयुक्त विजेताओं ने वैश्विक गरीबी से निपटने के सर्वोत्तम तरीकों की खोज की है। इसके साथ ही इन्होंने एक विश्वास और नया नजरिया भी पेश किया है। ये कोई पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी नौ भारतीयों को अलग-अलग वर्गों में नोबेल पुरस्कार दिया जा चुका है। आइये जानते हैं कौन हैं वो भारतीय और क्यों मिला उन्हें नोबेल प्राइज...

  • रवीन्द्रनाथ टैगौर (साहित्य)  को उनकी काव्यरचना गीतांजलि के लिये उन्हे वर्ष 1913 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया था। 
  • सीवी रमन भारतीय भौतिक-शास्त्री थे जिन्‍हें प्रकाश के प्रकीर्णन पर किए गए शोध के चलते उन्‍हें 1930 में भौतिकी के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार दिया गया था।
  • 1979 में मदर टेरेसा को मिशनरी ऑफ चैरिटी के माध्‍यम से किए गए मानव कल्‍याण के लिए नोबेल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया था। 
  • वर्ष 1998 में अमर्त्य सेन को अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उल्‍लेखनीय योगदान के लिए नोबेल पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया। 
  • वर्ष 2014 में कैलाश सत्यार्थी शांति के लिए नोबेल पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया था। 
  • वर्ष 1968 में भारतीय मूल के हरगोविन्द खुराना को फिजियोलॉजी और मेडिसिन के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए नोबेल पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया था। 
  • 1983 में  भौतिक शास्त्र पर उनके अध्ययन के लिए सुब्रह्मण्यन् चन्द्रशेख भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला था। 
  • 2009 में वेंकटरामन रामकृष्णन रसायन विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया था
  • 2001 में साहित्‍य के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए वीएस नायपॉल को नोबेल पुरस्‍कार दिया गया था। 

एक नजर इधर भी

आपको बता दें कि स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की याद में 1901 में शुरू किया गया था। इसको हर वर्ष नोबेल फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया जाता है। यह शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा विज्ञान और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार है। इसके तहत एक प्रशस्ति पत्र और 14 लाख डॉलर की राशि दी जाती है। नोबेल ने कुल 355 अविष्‍कार किए थे, जिनमें से एक डायनामाइट का भी था, जो उन्‍होंने 1867 में किया था। वह अपने इस अविष्‍कार की तबाही मचाने की ताकत भी जानते थे।

1896 में जब उनका निधन हुआ तो उन्‍होंने अपनी कुल संपत्ति का बड़ा हिस्‍सा एक ट्रस्‍ट के लिए सुरक्षित रख दिया था। वह चाहते थे कि इस राशि के ब्‍याज से उन लोगों को सम्‍मानित किया जाए जो मानव कल्‍याण में लगे हुए हैं। आपको बता दें कि अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार की शुरुआत 1968 में हुई थी। वहीं पहला नोबेल शांति पुरस्कार 1901 में रेड क्रॉस के संस्थापक ज्यां हैरी दुनांत और फ्रेडरिक पैसी को संयुक्त रूप से दिया गया। पैसी ने फ्रेंच पीस सोसाइटी के की स्‍थापना की थी और वे इसके संस्थापक अध्यक्ष भी थे। 

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Posted By: Kamal Verma

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