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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सेना की वीरता के लिए राजनेताओं से सार्टिफिकेट की जरूरत नहीं: पर्रीकर

By Rajesh KumarEdited By:
Published: Mon, 10 Oct 2016 08:53 PM (IST)Updated: Mon, 10 Oct 2016 09:34 PM (IST)

सर्जिकल स्ट्राइक पर बोलते हुए कहा कि उनकी सेना को किसी राजनेताओं से बहादुरी के सार्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।

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नई दिल्ली, एएनआई। सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर हो रही बयानबाजी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नसीहत के बावजूद उनके मंत्रियों पर उसका कुछ खास असर होता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। रक्षामंत्री मनोहर पर्रीकर ने सर्जिकल स्ट्राइक पर बोलते हुए कहा कि उनकी सेना को किसी राजनेताओं से बहादुरी के सार्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।

अपने गृह नगर मापुसा में सार्वजनिक सभा को संबोधित कर रहे थे रक्षामंत्री पर्रीकर ने कहा कि भारतीय सेना की क्षमता और उनकी ताकत पर शक नहीं था। लेकिन, जिस चीज की जरूरत थी वह थी मंशा और क्षमता और हमने यह सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त दिखाया।

पर्रीकर ने कहा, “2006 भारतीय सेना किसी भी विपरीत परिस्थिति में भी चुनौती का सामना करने को पूरी तरह से तैयार है और मैं ऐसा मानता हूं कि सर्जिकल स्ट्राइक के लिए किसी भी सबूत को देने की जरूरत नहीं है।”

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पर्रीकर ने आगे कहा कि मोदी सरकार में हमने राजनीतिक परिपक्वता दिखाई है। अगर सर्जिकल स्ट्राइक कामयाब नहीं थी तो फिर विपक्षियों को हमसे नहीं झगड़ना चाहिए। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए रक्षामंत्री ने आगे कहा कि साल 2006 में पनडुब्बी सौदे में दलाली हुई थी। इतना ही नहीं, हेलीकॉप्टर डील में भी दलाली हुई थी।

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