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नवीन का 'नड्डा फैक्टर', 6 साल पुरानी है कहानी; अमित शाह की निशानी

Published: Mon, 15 Dec 2025 03:45 PM (IST)

भाजपा ने नितिन नवीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। वह जगत प्रकाश नड्डा के बाद इस पद पर ...और पढ़ें

नितिन नवीन बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त।

नितिन नवीन बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त

HighLights

  1. नितिन नवीन बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त

  2. जेपी नड्डा के बाद दूसरे व्यक्ति हैं

  3. बिहार में सड़क निर्माण मंत्री और विधायक

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बीजेपी के नए कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन पार्टी के इतिहास में इस पद पर बैठने वाले दूसरे व्यक्ति हैं। पहले व्यक्ति मौजूदा पार्टी प्रमुख जगत प्रकाश नड्डा हैं।

दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी के संविधान में कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का कोई प्रावधान है ही नहीं। लेकिन 2019 से, यह पद बीजेपी प्रमुख की भूमिका संभालने से पहले एक सीढ़ी बन गया है।

नड्डा की राह पर नवीन 

जून 2019 में अमित शाह के केंद्रीय गृह मंत्री बनने के बाद जेपी नड्डा को बीजेपी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।

वह लगभग छह महीने तक इस पद पर रहे. इसके बाद जनवरी 2020 में उन्हें औपचारिक रूप से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गये। नड्डा अब लगभग छह साल से पार्टी प्रमुख के रूप में काम कर रहे हैं।

बीजेपी के संविधान के अनुसार, कोई भी नेता तीन-तीन साल के दो कार्यकाल के लिए अध्यक्ष के रूप में काम कर सकता है।

कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्ति का पूरा प्लान

बीजेपी नेताओं के अनुसार, कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति एक अंतरिम व्यवस्था है। एक और कारण है खरमास, जिसे हिंदू अशुभ मानते हैं। मंगलवार से खरमास शुरू हो रहा है। इसी वजह से नवीन को  कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। 14 जनवरी, मकर संक्रांति को खरमास खत्म होने के बाद, नए पार्टी प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

 37 में से 30 राज्यों में चुनाव पूरे 

बीजेपी ने पहले ही 37 में से 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संगठनात्मक चुनाव पूरे कर लिए हैं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने के लिए देश के कम से कम आधे राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे करना जरूरी है।

बीजेपी नेताओं के मुताबिक, अध्यक्ष पद के चुनाव में कम से कम चार दिन लगेंगे और यह 14 जनवरी के तुरंत बाद पूरा हो सकता है। हालांकि चुनाव औपचारिक मात्र होगा, लेकिन नवीन का पद पक्का माना जा रहा है क्योंकि बीजेपी और उसकी वैचारिक संस्था RSS ऐसे मामलों में सर्वसम्मति पर जोर देते हैं।

ऐसे में, नवीन बीजेपी प्रमुख बनने से पहले नड्डा की मदद करेंगे और काम सीखेंगे, ठीक वैसे ही जैसे नड्डा ने छह साल पहले शाह से सीखा था।

कौन हैं नितिन नवीन

45 साल के नितिन नवीन बिहार में सड़क निर्माण मंत्री हैं। इसके साथ ही पटना के बांकीपुर से पांच बार के विधायक रहे हैं। वह पहली बार 26 साल की उम्र में विधायक बने थे, जब उनके पिता और बीजेपी के दिग्गज नेता नवीन किशोर सिन्हा की मौत के बाद पटना पश्चिम विधानसभा सीट खाली हो गई थी।

नवीन बिहार और पूर्वी भारत से पहले बीजेपी प्रमुख बनने वाले हैं। अगर वह अगले साल पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख बनते हैं, तो वह इतिहास में सबसे कम उम्र के बीजेपी अध्यक्ष होंगे, जो नितिन गडकरी का रिकॉर्ड तोड़ देंगे, जिन्होंने 52 साल की उम्र में पद संभाला था।