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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजौरी ब्लास्ट के 2 आतंकियों का पहलगाम हमले से कनेक्शन? NIA दोनों से पूछताछ कर जुटा रही सबूत

Published: Sat, 03 May 2025 12:50 PM (IST)Updated: Sat, 03 May 2025 01:39 PM (IST)

पहलगाम हमले के आतंकियों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। इस हमले की जांच NIA के हाथों में ...और पढ़ें

पहलगाम आतंकी हमले की NIA कर रही है जांच। फाइल फोटो
पहलगाम आतंकी हमले की NIA कर रही है जांच। फाइल फोटो

HighLights

  1. पहलगाम आतंकी हमले की जांच में NIA का बड़ा कदम।
  2. 2023 के राजौरी बम ब्लास्ट में शामिल आतंकियों से की जा रही है पूछताछ।
  3. पहलगाम हमले में 5-7 आतंकियों के होने की आशंका।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पहलगाम हमले के बाद जम्मू कश्मीर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षाबलों की नजर है। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) ने इस आतंकी हमले की जांच अपने हाथों में ले ली है। इसी कड़ी में NIA 2023 के राजौरी ब्लास्ट में शामिल 2 आतंकियों से पूछताछ कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NIA को शक है कि राजौरी ब्लास्ट को अंजाम देने वाले दोनों आतंकियों का भी पहलगाम हमले में हाथ हो सकता है। NIA ने दोनों से सवाल पूछने शुरू कर दिए हैं।

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राजौरी बम धमाका

2023 में जम्मू कश्मीर के राजौरी में हुए IED ब्लास्ट के बाद से ही यह दोनों आतंकी NIA के कब्जे में हैं। दोनों आतंकियों ने मिलकर इस बम ब्लास्ट को अंजाम दिया था। इस हमले में 2 बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल थे।

NIA को है शक

राजौरी ब्लास्ट को अंजाम देने वाले दोनों आतंकियों के नाम मुश्ताक और निसार है। NIA को शक है कि पहलगाम हमले में भी दोनों की अहम भूमिका हो सकती है। इसी सिलसिले में NIA दोनों आतंकियों से पूछताछ करके सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है।

NIA कर रही है जांच

22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद NIA ने 27 अप्रैल को शिकायत दर्ज करते हुए जांच शुरू की थी। इसी कड़ी में NIA कई प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवारों के बयान लेकर आतंकी साजिश का पर्दाफाश करने की जद्दोजहद में जुटी है। NIA महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई अन्य राज्यों में पहलगाम हमले के पीड़ितों से बात कर चुकी है।

5-7 आतंकियों के होने की आशंका

NIA की शुरुआती जांच में संदेह है कि पहलगाम हमले में 5-7 आतंकी शामिल थे। इसके अलावा 2 स्थानीय लोगों ने भी इस हमले को अंजाम देने में आतंकियों की मदद की। इन स्थानीय मददगारों को पाकिस्तान में प्रशिक्षण मिला था। लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी संगठन TRF ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।

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