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NIA ने निजामाबाद मामले में PFI के खिलाफ 5 आरोपियों किया नामजद, आरोप पत्र किया दायर

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) ने 16 मार्च को प्रतिबंधित संगठन के खिलाफ निजामाबाद मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (Popular Front of India) के खिलाफ 5 आरोपियों को नामजद करते हुए एक और आरोप पत्र दायर किया।

By Jagran NewsEdited By: Versha SinghPublished: Fri, 17 Mar 2023 02:25 PM (IST)Updated: Fri, 17 Mar 2023 02:25 PM (IST)
NIA ने निजामाबाद मामले में PFI के खिलाफ 5 आरोपियों किया नामजद

नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) ने 16 मार्च को प्रतिबंधित संगठन के खिलाफ निजामाबाद मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (Popular Front of India) के खिलाफ 5 आरोपियों को नामजद करते हुए एक और आरोप पत्र दायर किया। एजेंसी ने हैदराबाद में एक विशेष NIA अदालत में आरोप पत्र दायर किया।

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चार्जशीट में नामजद पांच अभियुक्त शेख रहीम उर्फ अब्दुल रहीम, शेख वाहिद अली उर्फ अब्दुल वहीद अली, जफरुल्ला खान पठान, शेख रियाज अहमद और अब्दुल वारिस शामिल हैं। उन्हें आईपीसी की धारा 120बी, 153ए और यूए(पी) अधिनियम, 1967 की धारा 13(1)(बी), 18, 18ए और 18बी के तहत चार्जशीट किया गया है।

इससे पहले दिसंबर 2022 में, NIA ने अगस्त 2022 में तेलंगाना पुलिस से जांच अपने हाथ में लेने के बाद मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ अपना पहला आरोप पत्र दायर किया था। तेलंगाना पुलिस ने पिछले साल 4 जुलाई को मामला दर्ज किया था।

वहीं, NIA ने कहा कि चार्जशीट किए गए अभियुक्तों में प्रशिक्षित पीएफआई कैडर (trained PFI cadres) शामिल हैं, जो प्रभावशाली मुस्लिम युवाओं को भड़काने और कट्टरपंथी बनाने, उन्हें पीएफआई में भर्ती करने और विशेष रूप से आयोजित पीएफआई प्रशिक्षण शिविरों (PFI training camps) में हथियार प्रशिक्षण देने में शामिल पाए गए थे। इसका उद्देश्य 2047 तक देश में इस्लामिक शासन स्थापित करने की साजिश को आगे बढ़ाते हुए हिंसक आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देना था।

NIA ने कहा कि इन पीएफआई कैडरों ने धार्मिक ग्रंथों की गलत व्याख्या की और घोषणा की कि भारत में मुसलमानों की पीड़ा को कम करने के लिए जिहाद का हिंसक रूप आवश्यक था।

पीएफआई में भर्ती होने के बाद, मुस्लिम युवाओं को आरोपी पीएफआई कैडरों द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में भेजा जाता था, जहां उन्हें गले, पेट और सिर जैसे महत्वपूर्ण शरीर के अंगों पर हमला करके अपने 'निशाने' को मारने के लिए घातक हथियारों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जाता था।


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