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नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौत वाले देशों की रेस से बाहर निकलने के लिए भारत सरकार ने एक सितंबर से नया मोटर वाहन अधिनियम 2019 (New Motor Vehicle Act 2019) लागू कर दिया है। इसके बाद से तमाम राज्यों और राजनीतिक दलों में हायतौबा मची हुई है। कई राज्यों ने नया मोटर व्हीकल एक्ट 2019 लागू ही नहीं किया है, तो कुछ ने इसका जुर्माना कम करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिख दिया है। हालांकि, आपको जानकर हैरानी होगी कि सख्त ट्रैफिक नियमों वाला भारत इकलौता देश नहीं है।

कई ऐसे देश हैं, जिनका यहां ट्रैफिक चालान का जुर्माना भारत से कई गुना ज्यादा है। भारत से बहुत छोटे और आर्थिक रूप से पिछड़े देश भी सख्त यातायात नियमों के मामले में हमसें कहीं आगे हैं। यहां भारी जुर्माने के साथ सजा का भी प्रावधान है। कई जगहों पर लोगों को जुर्माना भरने के लिए लोन तक लेना पड़ जाता है या वह अपने क्रेडिट कार्ड आदि से भारी जुर्माने का भुगतान करते हैं। यहां यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना एक महीने की तनख्वाह से भी काफी ज्यादा होता है। आइये जानते हैं सख्त यातायात नियमों वाले कुछ देश और उनके भारी जुर्मानों के बारे में...

अमेरिका
अमेरिका में ट्रैफिक नियम इतने सख्त हैं कि यहां वाहन चालकों को उन साइन बोर्ड्स का भी सख्ती से पालन करना पड़ता है, जिनको भारत में नजरअंदाज कर दिया जाता है। मसलन अमेरिका में अगर सड़क पर रुकने का साइन बोर्ड लगा है तो वाहन चालक को रुकना अनिवार्य है, भले सड़क पूरी खाली हो। वाहन चालक को रुक कर सड़क के दोनों तरफ देखना होगा और इसके बाद ही वह आगे बढ़ सकता है। अगर वहां पर रेड लाइट लगी है तो सड़क पूरी खाली होने के बावजूद वाहन चालक को हरी बत्ती होने का इंतजार करना अनिवार्य है।

अमेरिका में जुर्माना
बिना सीट बेल्ट - 25 डॉलर (करीब 18000 रुपये)
बिना लाइसेंस - 1000 डॉलर (करबी 72,000 रुपये)
बिना हेलमेट - 300 डॉलर (करीब 22,000 रुपये)
नशे में ड्राइविंग - तीन महीने के लिए लाइसेंस निरस्त व जुर्माना
ड्राइविंग के दौरान फोन का इस्तेमाल - 10 हजार डॉलर (7.23 लाख रुपये)

सिंगापुर
अमेरिका की तरह सिंगापुर में भी ट्रैफिक नियम इतने सख्त हैं कि वाहन चालक खुद सभी सिग्नल और रोड मार्किंग का पालन करते हैं। भारत की तरह सिंगापुर में वाहन चालकों को जेब्रा क्रॉसिंग और ट्रैफिक लाइट्स का पालन कराने के लिए जगह-जगह पुलिस खड़ी नहीं रहती है।

सिंगापुर में जुर्माना
बिना सीट बेल्ट - 8000 रुपये
बिना लाइसेंस - 3 लाख रुपये
नशे में ड्राइविंग - 5000 डॉलर (करीब 3.59 लाख रुपये) व 3 माह जेल, दूसरी बार 7 लाख का जुर्माना
ड्राइविंग के दौरान फोन का इस्तेमाल - 1000 डॉलर (72,000 रुपये) या 6 माह की सजा

रूस - यहां यातायात नियमों का पालन करना ही पर्याप्त नहीं है। आपको अपनी गाड़ी भी साफ और सुंदर रखना जरूरी है। गाड़ी गंदी होने पर भी यहां 3000 रूबल (करीब 3240 रुपये) का चालान कट जाता है। खतरनाक तरीके से वाहन चलाना (रैश ड्राइविंग) यहां गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। गाड़ी में बैठे प्रत्येक व्यक्ति को सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है। नशे में गाड़ी चलाने पर 50 हजार रूबस (लगभग 54000 रुपये) का चालान होता है। साथ ही तीन साल तक के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कर दिया जाता है।

दुबई - रूस की तरह यहां भी गाड़ी गंदी होने पर भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। सार्वजनिक स्थान पर मौजूद गंदी गाड़ी पर दुबई की नगर निगम 500 दिरहस (करीब 10 हजार रुपये) का जुर्माना लगाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि नगर निगम का मानना है कि अक्सर वाहन चालक सार्जनिक पार्किंग में गाड़ी खड़ी कर लंबी छुट्टी पर चले जाते हैं और गाड़ी गंदी होती रहती है। यहां टूटी-फूटी या क्षतिग्रस्त गाड़ी ज्यादा समय तक नहीं रखी जा सकती है। ऐसा करने पर उसे कबाड़ घोषित कर स्क्रैप यार्ड में भेज दिया जाता है।

भूटान - भले ये देश हर मामले में भारत से काफी पीछे हो, लेकिन यातायात नियमों के पालन में वह हमारे देश से काफी आगे है। आलम ये है कि भूटान में बिना ट्रैफिक सिंग्नल के भी यातायात सुचारू रूप से चलता है और लोग बिना किसी पुलिसकर्मी के भी यातायात नियमों का समझदारी से पालन करते हैं। यहां भारत की तरह जाम लगने पर वाहन चालक दूसरे तरफ की लेन में कभी नहीं घुसते, चाहे पुलिसकर्मी हो या न हो। सड़क पर चलते हुए वाहन चालक अचानक से लेन नहीं बदल सकते। वहीं भारत में लेन ड्राइविंग का कोई पालन नहीं करता है, जबकि सबसे ज्यादा हादसे अचानक लेन बदलने से ही होते हैं।

ताइवान - भारत से काफी छोटा देश है और ये देश भी लगभग हर मामले में भारत से पीछे है। ताइवान, कभी चीन का हिस्सा हुआ करता था। यहां नशे में गाड़ी चलाने पर 4 लाख रुपये तक का जुर्माना वसूला जाता है।

फिनलैंड - यहां पर चालान की राशि अलग-अलग है। ये ट्रैफिक निमय का उल्लंघन करने वाले शख्स की आर्थिक स्थिति के अनुसार उसका जुर्माना तय होता है। मतलब जो जितना ज्यादा कमाता है, उसका उतना ज्यादा चालान होता है। इनकम के आधार पर चालान करने वाला फिनलैंड संभवतः दुनिया का एकमात्र देश है।

ओमान - अफ्रीकी देश ओमान की गिनती पिछड़े देशों में होती है। यहां की अर्थव्यवस्था तेल पर ही टिकी हुई है। बावजूद यहां यातायात नियम बहुत सख्त हैं। यहां फोन पर बात करते हुए वाहन चलाने पर लगभग 50 हजार रुपये का चालान भरना पड़ता है।।

जापान - यहां सड़क पर पैदल चलने वाले लोगों का खास ख्याल रखा जाता है। यहां कोई वाहन चालक अगर पैदल चलने वाले व्यक्ति पर कीचड़ या पानी उछालता है तो उसका भी भारी जुर्माने के साथ चालान कट जाता है। लिहाजा यहां सड़क पर पानी या कीचड़ होने की स्थिति में वाहन चालकों को बहुत सावधानी से और कम रफ्तार में चलना होता है।

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) - अरब देश अपने सख्त नियमों के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं। यूएई में नशे में गाड़ी चलाने वालों कोड़ों से पीटने की दर्दनाक सजा तक दी जाती है। इसलिए यहां यातायात नियमों के उल्लंघन के मामले न के बराबर आते हैं।

हॉलैंड - यहां लोग भूलकर भी ओवर स्पीड या सड़क पर गाड़ी से रेस लगाने जैसी गलती नहीं सकते हैं। यहां निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने पर गाड़ी हमेशा के लिए जब्त कर ली जाती है।

Posted By: Amit Singh

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