Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    NCRT की नकली किताबें बाजारों में बेचने वाला गिरोह का भंडाफोड़, 50 लाख की किताबें बरामद

    By Arun Kumar SinghEdited By:
    Updated: Mon, 18 Mar 2019 11:47 PM (IST)

    दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के नाम पर नकली किताबें छापकर उसे बाजारों में बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है।

    NCRT की नकली किताबें बाजारों में बेचने वाला गिरोह का भंडाफोड़, 50 लाख की किताबें बरामद

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के नाम पर नकली किताबें छापकर उसे बाजारों में बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अभिषेक चौधरी उर्फ गोल्डी नाम के आरोपित को गिरफ्तार किया है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    वह पिछले कुछ सालों में भारी संख्या में किताबें छापकर उसे बाजारों में बेच चुका है। किताबों की गुणवत्ता पर किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपित ने छपाई के लिए अत्याधुनिक ऑफसेट मशीन लगा रखी थी। पुलिस ने गाजीपुर स्थित उसके प्रिंटिंग सेंटर पर छापा मारकर वहां से मशीन के अलावा करीब 50 लाख रुपये मूल्य की किताबें, भारी संख्या में प्रिंटिंग पेपर व अन्य रॉ मेटेरियल बरामद किए हैं।

    क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि यमुनापार में 6 से 12वीं तक की एनसीईआरटी की नकली किताबें छापी जा रही हैं। क्राइम ब्रांच की टीम ने 12 मार्च को प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा और वहां से गोल्डी को दबोच लिया। प्रिंटिंग प्रेस से दसवीं का गणित, नौवीं का हिंदी  स्पर्श, दसवीं का अंग्रेजी, 12वीं का माइक्रो इकोनामिक्स, कमेस्ट्री, एनसीईआरटी वाटर मा‌र्क्स का रील पेपर, प्रिंटिंग प्लेट्स, भारी संख्या में कवर पेपर, प्रिंटिंग ईक आदि बरामद किया गया।

    गोल्डी ने बीकॉम की पढ़ाई छोड़कर प्रिंटिंग प्रेस में पिता का हाथ बंटाना शुरू किया था। 2017 में उसका करावल नगर के रहने वाले राहुल जैन से परिचय हुआ, जिसका ऑफसेट प्रेस का काम है। राहुल ने गोल्डी को बताया कि अगर वह प्रिंटिंग मशीन खरीदकर एनसीईआरटी की नकली किताबें छापकर बेचेगा तो उसमें भारी मुनाफा कमा सकता है। उसी के बाद से वह नकली किताबें छापकर उत्तर और दक्षिण भारत में उसे भेजने लगा।