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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Murshidabad Triple Murder: पांच मिनट के अंदर की थी शिक्षक, पत्नी और बेटे की हत्या

By Manish PandeyEdited By:
Published: Tue, 15 Oct 2019 09:15 PM (IST)Updated: Tue, 15 Oct 2019 09:20 PM (IST)

14 दिनों की रिमांड पर भेजा गया हत्यारोपित। अपमान का बदला लेने के लिए तीनों को उतारा था मौत के घाट।

Murshidabad Triple Murder: पांच मिनट के अंदर की थी शिक्षक, पत्नी और बेटे की हत्या
Murshidabad Triple Murder: पांच मिनट के अंदर की थी शिक्षक, पत्नी और बेटे की हत्या

मुर्शिदाबाद, जागरण संवाददाता। बंगाल के मुर्शिदाबाद तिहरे हत्याकांड का पर्दाफाश मंगलवार को हो गया। पुलिस ने बताया कि अपमान का बदला लेने के लिए पहले शिक्षक की धारदार हथियार से हत्या की गई और देख लिए जाने पर पत्नी और बच्चे को भी हत्यारे ने जान से मार दिया। पांच मिनट में तीन की हत्या कर आरोपित घर से निकल गया था।

मंगलवार सुबह मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक एस मुकेश ने प्रेस वार्ता बुलाकर ट्रिपल मर्डर का पर्दाफाश कर दिया। मंगलवार को हत्यारोपित को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। हत्यारोपित की बहन को भी हिरासत में लिया गया है।

8 अक्टूबर को मुर्शिदाबाद में पेशे से शिक्षक बंधु प्रकाश पाल, उसकी पत्नी ब्यूटी पाल और आठ वर्षीय बेटे बंधु अंगन पाल की खून में सनी लाश घर से बरामद हुई थी। संदेह के आधार पर मृत शिक्षक के पिता अमर पाल, दोस्त सौभिक बनिक समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया था। घटना के दिन एक अनजान व्यक्ति के शिक्षक के घर से निकलने की चर्चा ने भी जोर पकड़ा था। घटनास्थल से बरामद बीमा के कागजात की जांच में उत्पल बेहरा नामक व्यक्ति का सुराग मिल गया। सोमवार रात उत्पल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसकी बड़ी बहन को भी हिरासत में ले लिया गया। बता दें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बंगाल शाखा के सचिव जिष्णु बसु ने बंधु प्रकाश पाल के संघ के सक्रिय कार्यकर्ता होने का दावा किया था।

अपमान का बदला लेना था मकसद

पेशे से राजमिस्त्री उत्पल ने शिक्षक परिवार की हत्या करने का जुर्म स्वीकार कर लिया है। मृतक शिक्षक कई बीमा कंपनियों के साथ भी जुड़ा हुआ था। उत्पल ने भी उससे बीमा करवाया था। बीमे की किश्त जमा करने के लिए उसने शिक्षक को 48 हजार रुपये दिए थे। कुछ दिनों बाद रसीद मांगने पर शिक्षक आनाकानी करने लगा था। किश्त के जमा नहीं होने का पता चलने पर उत्पल ने उससे रकम वापस करने को कहा। इस पर शिक्षक ने उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया था। इसका बदला लेने के लिए उत्पल ने हत्या करने की साजिश रची थी।

बहन के घर रखा था हथियार

हत्या के लिए उत्पल ने धारदार हथियार खरीद कर अपनी बड़ी बहन के घर रख दिया था। उसने शिक्षक के घर की रेकी भी की थी। विजयादशमी (8 अक्टूबर) को उत्पल दोपहर करीब 12 बजे शिक्षक के घर पहुंचा था और रुपये वापस करने का दबाव डालने लगा था जिसको लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद उसने शिक्षक पर धारदार हथियार से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया था। इसी बीच पत्नी ब्यूटी पाल ने उत्पल को पहचान लिया तो गवाह मिटाने के लिए उसने उसकी और बेटे अंगन की भी हत्या कर दी थी।

पांच मिनट के अंदर तीनों हत्या

दोपहर करीब 12.06 से 12.11 बजे के बीच यानी पांच मिनट में तीनों की हत्या कर वह वहां से निकल गया था। पहचान नहीं हो सके इसके लिए उसने खून में सने कपड़े भी बदल लिए थे। हालांकि घर से निकलते वक्त आसपास के लोगों की नजर उस पर पड़ गई थी। वह कुछ दिन अपनी बहन के घर में छिपा था।