Move to Jagran APP

Mumbai Tiware Dam Breach: यहां केकड़ों ने लील ली 19 जिंदगी, 4 अब भी लापता

Mumbai Tiware Dam Breach स्थानीय लोगों के अनुसार बांध में एक वर्ष से दरार थी। कई बार प्रशासन से शिकायत भी की गई थी। लिहाजा सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए बेतुके तर्क दे रही है।

By Amit SinghEdited By: Published: Sat, 06 Jul 2019 10:33 AM (IST)Updated: Sat, 06 Jul 2019 03:26 PM (IST)
Mumbai Tiware Dam Breach: यहां केकड़ों ने लील ली 19 जिंदगी, 4 अब भी लापता
Mumbai Tiware Dam Breach: यहां केकड़ों ने लील ली 19 जिंदगी, 4 अब भी लापता

मुंबई, जेएनएन। महाराष्ट्र की रत्नागिरी नदी पर तीन दिन पहले ढहे तिवरे बांध ने 19 जिंदगियां लील ली हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम नदी से अब तक 19 शव बरामद कर चुकी है, जबकि चार लोग अब भी लापता हैं। एक तरफ हादसे को लेकर स्थानीय लोगों में सरकार और प्रशासन के प्रति नाराजगी है, दूसरी तरफ महाराष्ट्र की फड़नवीस सरकार के मंत्री के बेतुके बयान ने लोगों का गुस्सा और बढ़ा दिया है।

loksabha election banner

महाराष्ट्र सरकार के जल संसाधन मंत्री तानाजी सावंत ने इस हादसे के लिए केकड़ों को जिम्मेदारी ठहरा दिया है। तानाजी सावंत के अनुसार तिवरे बांध टूटने की वजह नदी में मौजूद केकड़े हैं। उन्होंने बताया कि बांध के आसपास काफी संख्या में केकड़े इकट्ठा हो गए थे। इस वजह से बांध में दरार आई और वह टूट गया। जल संसाधन मंत्री के इस बेतुके बयान के बाद फड़नवीस सरकार का जमकर मजाक बनाया जा रहा है। एक तरफ विरोधा पार्टियां बयान को लेकर राजनीति कर रही हैं, दूसरी आम लोगों में इस बयान से गुस्सा और बढ़ गया है।

इसलिए बेतुके बयान दे रहे मंत्री जी
मालूम हो कि तानाजी सावंत देवेंद्र फड़नवीस सरकार में शिवसेना कोटे से मंत्री हैं। उक्त बांध का निर्माण भी शिवसेना के ही एक विधायक सदानंद चह्वाण की कंपनी द्वारा कराया गया था। मंगलवार की रात में अचानक ढह गए इस बांध में आसपास बसे 23 लोग बह गए थे। अब तक 19 शव ढूंढे जा चुके हैं, जबकि चार लोगों की तलाश अब भी जारी है। मात्र 19 साल पहले बनकर तैयार हुए इस छोटे से बांध का ढह जाना एक बड़े भ्रष्टाचार का नमूना माना जा रहा है।

मंत्री ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण हादसा
इसके बावजूद जल संसाधन मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि इस बांध में 2004 से पानी भरना शुरू हुआ था। तब से अब तक कुछ नहीं हुआ। बांध में किसी प्रकार की कमी संबंधी कोई शिकायत मिलने पर विभाग द्वारा उसका निराकरण किया जाता रहा है। एक बड़ी समस्या बांध के आसपास केकड़ों के जमा हो जाने की रही है। इसी वजह से बांध में रिसाव शुरू हो गया था। इसी रिसाव के कारण मंगलवार रात एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में बांध ढह गया।

केकड़ों की गिरफ्तारी की मांग
अपने इस बयान के कारण मंत्री महोदय को सोशल मीडिया पर हास्य का पात्र बनना पड़ रहा है। विपक्ष ने भी उन्हें निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता जीतेंद्र आह्वाड कुछ केकड़े लेकर पुलिस के पास पहुंचे और मांग की कि तिवरे बांध ढहाने के आरोप में केकड़े की गिरफ्तारी की जानी चाहिए।

बांध को लेकर था सीमा विवाद
वहीं, मृत्कों के परिजनों ने स्थानिय प्रशासन को हादसे का जिम्मेदार ठहराया है। स्थानिय लोगों का कहना है कि बांध गलभग 14 साथ पुराना था और पिछले एक साल से बांध में दरार थी। प्रशासन से इसकी मरम्मत के लिए कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बताया जा रहा है कि बांध किस तहसील में पड़ता है, इसे लेकर विवाद था। ग्रामीणों ने चिपलून और दपोल दोनों जगहों पर बांध की मरम्मात कराने को लेकर आवेदन, लेकिन अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।

सात गांव हुए थे प्रभावित
बता दें कि महाराष्ट्र में भारी बारिश से रत्नागिरी में तिवरे डैम टूट गया था। डैम टूटने से आसपास के करीब सात गांवों में बाढ़ आ गई थी। हादसे में 23 से ज्यादा लोग लापता हो गए थे। बताया जाता है कि भारी बारिश के चलते बांध में जलस्तर बहुत बढ़ गया था, जिसकी वजह से यह बांध देर रात अचानक टूट गया। उस वक्त लोग गहरी नींद में सो रहे थे, जब बांध का पानी मौत बनकर उन्हें बहा ले गया।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.