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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जहरीले कफ सिरफ को लेकर तमिलनाडु में आज छानबीन करेगी मध्य प्रदेश की SIT, छिंदवाड़ा में एक और बच्ची की मौत

Published: Tue, 07 Oct 2025 06:00 AM (IST)Updated: Tue, 07 Oct 2025 07:13 AM (IST)

तमिलनाडु में बने जहरीले कफ सिरप के सेवन से मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक और बच्ची की मौत हो ...और पढ़ें

जहरीले कफ सिरप को लेकर सरकार का एक्शन।
जहरीले कफ सिरप को लेकर सरकार का एक्शन।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु में बने जहरीला कफ सिरप पीने से सोमवार को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक और बच्ची की मौत हो गई। इसके साथ ही प्रदेश में इससे मरने वाले बच्चों की संख्या 17 हो गई है। कोल्ड्रिफ सिरप में डायथिलीन ग्लायकाल 48.6 प्रतिशत मिलने के बाद तमिलनाडु सरकार ने तीन अक्टूबर को श्रेसन फार्मा कंपनी में उत्पादन पर रोक लगा दी थी।

कंपनी के विरुद्ध मप्र में एफआईआर दर्ज होने के बाद आज पुलिस की विशेष जांच टीम मप्र से तमिलनाडु भेजी गई है।

छिंदवाड़ा के एसपी ने क्या कहा?

एसपी छिंदवाड़ा अजय पांडे ने बताया कि एसआइटी मंगलवार को फैक्ट्री में पहुंचकर जांच करेगी कि उत्पादन में क्या गड़बड़ी हुई और कफ सिरप में क्या सामग्री मिलाई जा रही थी। इस आधार पर एफआईआर में अतिरिक्त तथ्य जोड़े जाएंगे। इसमें और कौन-कौन आरोपी बनाए जा सकते हैं, यह पड़ताल भी की जाएगी।

सिरप पीने से हो गई बच्चों की किडनी फेल

जहरीला सिरप पीने से बच्चों की किडनी फेल हो गई। इस मामले में प्रशासन की हर स्तर पर लापरवाही रही। पहली मौत चार सितंबर को हुई थी, लेकिन एक माह बाद प्रशासन जागा। सोमवार को ड्रग कंट्रोलर दिनेश कुमार मौर्य को हटाया गया और डिप्टी ड्रग कंट्रोलर शोभित कोष्टा, छिंदवाड़ा के औषधि निरीक्षक गौरव शर्मा व जबलपुर के औषधि निरीक्षक शरद कुमार जैन को निलंबित किया गया।

कफ सिरप पर प्रदेश भर में रोक न लगाने, सैंपलिंग नहीं करने और सैंपलों की जांच में देरी के चलते इन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

एनएचआरसी ने भी जारी किया नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी सोमवार को मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों को नोटिस जारी कर बच्चों की मौतों के आरोपों की जांच करने और तुरंत नकली दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। आयोग ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत के औषधि नियंत्रक जनरल, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय को भी नकली दवाओं की आपूर्ति की जांच करने का आदेश दिया है और सभी क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं को नकली दवाओं के नमूने एकत्र करने और परीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया है।

इस बीच, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक में भी कोल्डि्रफ की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। झारखंड सरकार ने कोल्डि्रफ के अलावा रेस्पीफ्रेश और रिलिफ कफ सीरपों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाए हैं।

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