नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। लंबे इंतजार के बाद मंगलवार को लोकसभा में मोटर वाहन (संशोधन) बिल 2019 पास हो चुका है। अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। राज्यसभा से बिल पास होते ही राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए जाएगा। राष्ट्रपति की मुहर लगते ही ये बिल मौजूदा मोटर वाहन अधिनियम 1988 की जगह संशोधित कानून का रूप ले लेगा। संशोधित अधिनियम में इस बात का खास ख्याल रखा गया है कि उल्लंघन के हिसाब से जुर्माना इतना ज्यादा हो कि लोग उससे डरें। नए कानून में न्यूनतम जुर्माना 500 रुपये देखें- यातायात नियमों के उल्लंघन के नए और पुराने जुर्माने की पूरी तुलनात्मक सूची।

मोटर वाहन अधिनियम के संशोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि यातायात नियमों का माखौल न बने, जैसा कि अभी होता था। जुर्माने की राशि बहुत कम होने की वजह से ज्यादातर वाहन चालकों में इसका कोई डर नहीं होता था। यही वजह है कि संशोधित अधिनियम में आम लोगों के मुकाबले सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों से यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर दोगुना जुर्माना वसूलने का प्रावधान किया गया है।

इतना ही नहीं संशोधित अधिनियम में वाहन निर्माता कंपनी और सड़क बनाने वाले ठेकेदार की भी जिम्मेदारी तय की गई है। वाहन निर्माता कंपनी पर गाड़ी के निर्माण में गड़बड़ी करने पर 100 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। वहीं ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण में बरती गई लापरवाही पर उस पर भी एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नए कानून में मोटर वाहन दुर्घटना फंड के गठन की भी बात कही गई है, जो सड़क का इस्तेमाल करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्य बीमा कवर देगा।

मालूम हो कि भारत में बहुत सी दुर्घटनाओं के लिए खराब सड़क जिम्मेदार होती है। बावजूद अभी तक सड़क बनाने वाले या उसका रख-रखाव करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था पर जुर्माना लगाने का कोई प्रावधान नहीं था। केंद्र सरकार ने नए कानून में कई नई धाराएं भी जोड़ी हैं, जो पहले मोटर वाहन अधिनियम में नहीं थी। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए वाहन चालक व मालिक को जेल भेजने तक के प्रावधान किए गए हैं। नाबालिग द्वारा वाहन चलाने पर भी इसी तरह का प्रावधान किया गया है।

यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का तुलनात्मक अध्ययन

यातायात नियम उल्लंघन जुर्माना रुपये में (पहले) जुर्माना रुपये में (संशोधन के बाद)
धारा 177 (सामान्य उल्लंघन) 100 रुपये 500 रुपये
नई धारा 177ए (सड़क नियमों का उल्लंघन) 100 रुपये 500 रुपये
धारा 178 (बिना टिकट यात्रा करना) 200 रुपये 500 रुपये
धारा 179 (अथॉरिटी के आदेशों की अव्हेलना) 500 रुपये 2000 रुपये 
धारा 180 (बिना लाइसेंस वाहन का अनाधिकृत उपयोग) 1000 रुपये 5000 रुपये
धारा 181 (बिना लाइसेंस वाहन चलाना) 500 रुपये 5000 रुपये
धारा 182B निर्धारित सीमा से बड़े वाहन नई धारा 5000 रुपये
धारा 183 ओवर स्पीडिंग (गति सीमा का उल्लंघन) 400 रुपये LMV के लिए 1000 रुपये,

मध्यम श्रेणी के यात्री वाहनों के लिए 200 रुपये

धारा 184 खतरनाक तरीके से वाहन चलाना 1000 रुपये 5000 रुपये तक
धारा 185 नशे में वाहन चलाना 2000 रुपये 10,000 रुपये
धारा 189 तेज रफ्तार वाहन चलाना या अनाधिकृत तरीके से रेस लगाना 500 रुपये 5000 रुपये
धारा 192 बिना परमिट के वाहन चलाना 5000 रुपये तक 10,000 रुपये तक
धारा 193 लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का समूह नई धारा 25,000 से 1,00,000 रुपये तक
धारा 194 ओवरलोडिंग 2,000 रुपये और प्रतिटन 1,000 रुपये अतिरिक्त जुर्माना 20,000 रुपये और प्रतिटन 2,000 रुपये अतिरिक्त जुर्माना
धारा 194A क्षमता से ज्यादा यात्री बैठाना नई धारा 1,000 रुपये प्रति अतिरिक्त यात्री
धारा 194 B सीट बेल्ट न लगाना 100 रुपये 1000 रुपये
धारा 194 C दोपहिया वाहन पर ओवरलोडिंग 100 रुपये 2,000 रुपये जुर्माना, साथ ही तीन माह के लिए लाइसेंस निरस्त
धारा 194E आपातकालीन वाहन को रास्ता न देना नई धारा 10,000 रुपये
धारा 196 बिना बीमा के वाहन चलाना 1000 रुपये 2000 रुपये
धारा 199 नाबालिग द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन नई धारा अभिभावक अथवा वाहन स्वामी इसके लिए दोषी माना जाएगा। 25,000 रुपये का जुर्माना, साथ ही तीन साल की सजा हो सकती है। नाबालिग पर ज्युवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मुकदमा। संबंधित वाहन का पंजीकरण निरस्त होगा।
धारा 182 (योग्यता के बिना वाहन चलाना) 500 रुपये 10,000 रुपये
धारा 210बी कानून का पालन कराने वाली अथॉरिटी के कर्मचारी या अधिकारी द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन नई धारा संबंधित धारा के उल्लंघन का दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा।
बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चलाने पर 100 रुपये 1000 रुपये, साथ में तीन माह के लिए लाइसेंस निरस्त
हिट एंड रन मामले में पीड़ित को मुआवजा 25,000 रुपये 2,00,000 रुपये मुआवजा

वाहन निर्माता कंपनी पर भी जुर्माने का प्रावधान
नए कानून में सुरक्षा मानक पूरा न करने वाली वाहन निर्माता कंपनी पर 500 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसी तरह सड़क की खराब गुणवत्ता या खामी के लिए संबंधित कंपनी अथवा ठेकेदार पर एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। अब तक सड़क या वाहन बनाने वाली कंपनी की जिम्मेदारी मोटर वाहन अधिनियम में तय नहीं थी। संशोधित अधिनियम में ये भी प्रावधान किया गया है कि अगर किसी गाड़ी के उत्पादन में तकनीकी खामी है तो संबंधित कंपनी के लिए उन गाड़ियों को वापस मंगाकर दुरुस्त करना अनिवार्य होगा।

वाहन पंजीकरण में अनिवार्य हो सकता है आधार
ओला, उबर जैसे समूहों द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस नियमों का उल्लंघन करने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। संशोधित कानून में चालक लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के लिए आधार (Aadhaar) को अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही चालकों को एसएमएस के जरिए चालान की सूचना भेजने के लिए उनका मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी जोड़ने संबंधी विकल्प भी दिए जा सकते हैं। संशोधित विधेयक में पर्यावरण के साथ यातायात वाहनों की ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग को लेकर भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संशोधित विधेयक में जुर्माने की अधिकतम राशि एक लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव है। इसे भी राज्य सरकारों की तरफ से 10 गुना तक बढ़ाया जा सकता है।

Posted By: Amit Singh

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