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प्लानिंग में चूक, आर्थिक नुकसान और कमजोर मैनेजमेंट... IndiGo क्राइसिस पर Moodys की रिपोर्ट में खुलासा

Published: Mon, 08 Dec 2025 07:49 PM (IST)Updated: Mon, 08 Dec 2025 08:40 PM (IST)

मूडीज ने IndiGo के ऑपरेशनल संकट पर चिंता जताई है, जिसके कारण फ्लाइट्स कैंसिलेशन और देरी हो रही है। एजेंसी ...और पढ़ें

मूडीज की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, बताया IndiGo संकट से कंपनी पर क्या पड़ेगा असर (फाइल फोटो)

मूडीज की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, बताया IndiGo संकट से कंपनी पर क्या पड़ेगा असर (फाइल फोटो)

HighLights

  1. इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिलेशन से यात्रियों को परेशानी

  2. मूडीज ने इंडिगो के संकट पर जताई चिंता

  3. नए नियमों के लिए तैयार नहीं थी इंडिगो

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo इन दिनों भारी ऑपरेशनल संकट से गुजर रही है। फ्लाइट्स की लगातार कैंसिलेशन और देरी ने यात्रियों को परेशान कर दिया है। अब रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी इस स्थिति को लेकर कड़ा रुख दिखाया है।

एजेंसी ने कहा कि इंडिगो ने उन नियमों की समय रहते तैयारी नहीं की, जिनकी जानकारी एयरलाइंस को एक साल पहले ही दे दी गई थी। मूडीज के मुताबिक यह पूरा मामला इंडिगो के लिए 'क्रेडिटनेगेटिव' है यानी कंपनी की साख और वित्तीय स्थिति पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।

फ्लाइट कैंसिलेशन से बड़ा आर्थिक नुकसान

मूडीज ने कहा कि इंडिगो को राजस्व में भारी नुकसान हो सकता है, क्योंकि इतनी फ्लाइट रद होने से रिफंड, कंपनसेशन और DGCA की संभावित पेनल्टी का खर्च बढ़ जाएगा। 5 दिसंबर को 1600 से ज्यादा फ्लाइट्स रद हुईं। इससे पहले नवंबर में भी 1200 से अधिक उड़ानें ग्राउंड हो गई थीं।

एजेंसी का कहना है कि इंडिगो की प्लानिंग, निगरानी और संसाधन प्रबंधन में गंभीर कमी दिखी है। कंपनी की लीन ऑपरेशनल मॉडल सामान्य दिनों में तो काम करता है, लेकिन नए नियमों के दबाव में ढह गया

नए FDTL नियमों से बढ़ा संकट

1 नवंबर को लागू हुए FDTL Phase-2 नियमों के अनुसार, आधी रात से सुबह 6 बजे तक की ड्यूटी को नाइट ड्यूटी माना जाता है, 24 घंटे में सिर्फ 2-3 लैंडिंग की अनुमति है और यह नियम पायलटों की थकान कम करने के लिए लाए गए हैं और दुनिया के सबसे सख्त नियमों में गिने जाते हैं।

इन नियमों से इंडिगो का पूरा क्रू शेड्यूल बिगड़ गया और कंपनी तुरंत बदलाव नहीं कर पाई। इसी वजह से सिस्टम-वाइड शेड्यूल रीसेट करना पड़ा और बड़े पैमाने पर उड़ानें रद करनी पड़ीं।

DGCA की चेतावनी

DGCA ने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स और COO इसिड्रो पोर्केरास को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। वहीं उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने आदेश दिया है कि 7 दिसंबर तक सभी यात्रियों के रिफंड बिना किसी शुल्क के दिए जाएं।

हालांकि, DGCA ने कंपनी को अस्थायी राहत देते हुए फरवरी 2026 तक कुछ छूट दी है, लेकिन हर 15 दिन पर कंपनी को रिपोर्ट देकर साबित करना होगा कि वह नियमों का पालन करने की दिशा में काम कर रही है।

धीरे-धीरे लौट रही हैं उड़ानें

कंपनी ने बताया कि 2200 में से 1650 फ्लाइट्स दोबारा चालू कर दी गई हैं। उम्मीद है कि मध्य दिसंबर तक पूरा शेड्यूल सामान्य हो जाएगा।

मूडीज का कहना है कि इस घटना का इंडिगो की प्रतिष्ठा पर असर पड़ेगा, खासकर उसके कोड-शेयर पार्टनर्स के साथ। हालांकि कंपनी की कुल वित्तीय स्थिति, बाजार में पकड़ और भविष्य की विकास क्षमता अभी भी मजबूत मानी जा रही है।

फिर भी मूडीज ने चेतावनी दी है कि इस वित्त वर्ष (मार्च 2026 तक) इंडिगो की कमाई पर असर तय है और मानव-संसाधन प्रबंधन को लेकर कंपनी की रेटिंग भी कमजोर की गई है।

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