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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Monsoon Updates: मानसून के रास्ते में रोड़ा बना अरब सागर का चक्रवात, केरल समेत पूरे देश में पड़ सकता है असर

By Jagran NewsEdited By: Ashisha Singh Rajput
Published: Tue, 06 Jun 2023 09:32 PM (IST)

मौसम विज्ञानियों का मानना है कि यह तूफान केरल की तरफ बढ़ रहे मानसून के रास्ते में भी रोड़े अटका ...और पढ़ें

देश में मानसून का इंतजार लंबा होता जा रहा है।
देश में मानसून का इंतजार लंबा होता जा रहा है।

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। देश में मानसून का इंतजार लंबा होता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) का पूर्वानुमान पूरी तरह फेल हो चुका है। पहले एक जून और फिर चार जून की भविष्यवाणी भी गलत साबित हो चुकी है। अब सात जून की तिथि भी आगे खिसक सकती है, क्योंकि अरब सागर में कम दबाव की स्थिति बन गई है, जो अगले 24 घंटे के दौरान चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा।

क्या है मौसम विज्ञानियों का मानना?

मौसम विज्ञानियों का मानना है कि यह तूफान केरल की तरफ बढ़ रहे मानसून के रास्ते में भी रोड़े अटका रहा है। इससे अगले तीन-चार दिनों तक केरल समेत पूरे देश में वर्षा की स्थिति और मात्रा पर बुरा प्रभाव पड़ना तय है। इसका अर्थ है कि अरब सागर से चलने वाला चक्रवाती तूफान ही तय करेगा कि मानसून गति और स्थिति क्या होगी। यहां तक कि हफ्ते भर से प्री-मानसून वर्षा के बावजूद केरल में मानसून की बारिश भी कमजोर हो सकती है।

केरल में प्रवेश के बाद कैसे बदलती है मानसून की चाल?

केरल मानसून का प्रवेश द्वार है, जहां इसे पहुंचने की सामान्य तिथि एक जून है। लेकिन कई बार यह कुछ दिन पहले और कई बार बाद में भी पहुंचता रहा है। पिछली बार केरल में मानसून का प्रवेश 29 जून को हो गया था। केरल में प्रवेश के बाद मानसून अनुकूल स्थितियों में उत्तर की ओर बढ़ता है और भारत के अधिकांश हिस्सों में जून के अंत तक छा जाता है।

इस बार मानसून अगर आठ जून तक भी केरल के तटीय क्षेत्रों में प्रवेश नहीं कर पाता है तो इस हिसाब से इस बार अभी तक दस दिनों का विलंब हो चुका होगा। हालांकि मौसम विज्ञानियों का कहना है कि मानसून के आने में विलंब का मतलब यह नहीं है कि वर्षा कम होगी। मानसून की देरी का वर्षा की मात्रा पर असर नहीं होगा। आईएमडी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि एलनीनो के बावजूद देश में सामान्य वर्षा होगी।

आईएमडी आज जारी करेगा तीसरा अनुमान

मानसून के दो अनुमान के गलत हो जाने के बाद आईएमडी अभी चुप है। अब तीसरा अपडेट बुधवार को जारी करना है। दोनों अनुमान के सटीक नहीं निकलने से भ्रम की स्थिति बनी हुई है। आईएमडी ने मंगलवार को यह तो बताया है कि दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और इसके लगभग उत्तर की ओर बढ़ने और चक्रवाती तूफान में बदलने की पूरी आशंका है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया है कि केरल में मानसून का प्रवेश कब हो रहा है और यह भी नहीं कि वर्षा की स्थिति कैसी रहेगी।

बिहार-झारखंड समेत पांच राज्यों में हीट वेब

अभी तापमान में वृद्धि के कारण देश के कई हिस्से तप रहे हैं। मानसून के केरल पहुंचने के साथ ही लोग सुकून महसूस करने लगते हैं कि अब गर्मी से निजात मिलेगी, लेकिन मानसून में देरी के चलते अगले पांच दिनों तक यूपी के पूर्वी भाग समेत बिहार, झारखंड, बंगाल एवं तेलंगाना में हीट वेब की आशंका व्यक्त की गई है।

आईएमडी का मानना है कि मानसून आने में अगर देर हुई तो तापमान और बढ़ सकता है। बिहार में अभी तापमान औसत से 6.5 डिग्री सेल्सियस अधिक है।