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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Monsoon Date 2021: अब 3 जून को केरल पहुंचेगा मानसून, IMD ने की ताजा भविष्यवाणी

By Pooja SinghEdited By:
Published: Mon, 31 May 2021 09:36 AM (IST)

Monsoon Date 2021 दक्षिण पश्चिम मानसून केरल में जल्दी पहुंचेगा जिसके बाद सीजन सामान्य से बेहतर होगा। बता दें कि ...और पढ़ें

Monsoon Date 2021: अब 3 जून को केरल पहुंचेगा मानसून, IMD ने की ताजा भविष्यवाणी
Monsoon Date 2021: अब 3 जून को केरल पहुंचेगा मानसून, IMD ने की ताजा भविष्यवाणी

नई दिल्ली, जेएनएन। Monsoon Update 2021: दक्षिण पश्चिम मानसून केरल में जल्दी पहुंचेगा, जिसके बाद सीजन सामान्य से बेहतर होगा। बता दें कि मौसम विभाग (IMD) ने आज यानी 31 मई को मानूसन के केरल पहुंचने की भविष्‍यवाणी की थी। ताजा पूर्वानुमान में मौसम विभाग ने कहा कि केरल में मानसून के आगमन में 2 दिन की देरी होने की संभावना है और अब 3 जून तक राज्य में इसकी शुरुआत होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक, केरल में मानसून की दस्तक में देरी होने से आगे भी चक्र भी प्रभावित होगा। इससे दक्षिण-पश्चिमी मानसून का शेड्यूल हर जगह बदल सकता है।  वहीं स्काईमेट वेदर न्यूज ने रविवार को बताया था कि मानसून केरल पहुंच चुका है। आमतौर पर ये 1 जून को केरल पहुंचता है। लेकिन, इस बार ये 2 दिन पहले ही आ गया है। 

21 मई को अंडमान-निकोबार द्वीप चुका था मानसून

बता दें कि अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तक मॉनसून 21 मई को ही पहुंच चुका था। मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने बताया कि केरल में 31 मई के करीब दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। इसके 5 जून तक गोवा पहुंचने की संभावना है। इसके बाद यह धीरे-धीरे उत्तर भारत की तरफ कूच करेगा। एक अनुमान के मुताबिक, 12 या 13 जून को इसके बिहार में प्रवेश करने की संभावना है। बता दें कि बिहार में समान्यत: जून से लेकर सितंबर तक मानसून की बारिश होती है। लेकिन, साल सामान्य से अधिक बारिश होने के आसार हैं।

बता दें कि मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में पहले ही बताया था कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सामान्य रहने की संभावना है। इस दौरान जून से लेकर सितंबर तक बारिश के आसार जताए गए हैं। पिछले महीने एक पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव माधवन राजीवन ने कहा था कि मॉनसून की लंबी अवधि का औसत 98 फीसद होगा, जो सामान्य श्रेणी में आता है। मॉनसून की लंबी अवधि का औसत 1961-2010 के बीच मॉनसून में हुई बारिश का औसत बताता है। जो कि 88 सेंटीमीटर बैठता है। 98 फीसद के पूर्वानुमान का मतलब है कि इस साल मॉनसून सीजन के दौरान करीब 86.2 सेंटीमीटर बारिश होगी।