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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मालदीव के रिश्ते मजबूत करने भारत पहुंचे मुइज्जू, पांच महीने में दूसरा दौरा; पढ़ें क्या बोले जयशंकर

By Agency Edited By: Sachin Pandey
Published: Sun, 06 Oct 2024 09:20 PM (IST)

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू पांच दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे चुके हैं जहां उन्होंने सबसे पहले विदेश मंत्री एस ...और पढ़ें

भारत यात्रा के पहले दिन मुइज्जू ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। (Photo- X/@DrSJaishankar)
भारत यात्रा के पहले दिन मुइज्जू ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। (Photo- X/@DrSJaishankar)

HighLights

  1. मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू पांच दिन के दौरे पर भारत आए।
  2. दिल्ली प्रवास के दौरान पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मु से भी मिलेंगे।

एएनआई, नई दिल्ली। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू और मालदीव की प्रथम महिला साजिदा मोहम्मद रविवार को अपनी पहली द्विपक्षीय भारत यात्रा के लिए नई दिल्ली पहुंचे। इस दौरान विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने मुइज्जू से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंध बढ़ाने की मालदीव के राष्ट्रपति की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की है।

जयशंकर ने मुइज्जू से मुलाकात के दौरान भारत और मालदीव के रिश्तों को और सशक्त करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि उनकी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से होने वाली वार्ता भी दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों को और प्रगाढ़ करेगी।

राष्ट्रपति मुर्मु और पीएम मोदी से भी करेंगे मुलाकात 

मुइज्जू के साथ एक्स पर अपनी फोटो को साझा करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत के सरकारी दौरे पर राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू का आह्वान करके वह बहुत प्रसन्न हैं। राष्ट्रपति मुइज्जू इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगे।

केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने दिल्ली पहुंचने पर उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आधिकारिक निमंत्रण पर मुइज्जू 6-10 अक्टूबर तक भारत की यात्रा पर आए हैं। मुइज्जू का यह दूसरा भारत दौरा है। हाल में भारत के साथ संबंधों में खटास आने के बाद मुइज्जू ने सुलह का रुख अपनाया है। उन्होंने वित्तीय सहायता के लिए भारत को धन्यवाद दिया और नई दिल्ली को माले का सबसे करीबी सहयोगी बताया।