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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भ्रष्टाचारी और खराब नौकरशाहों पर हंटर चलाने की तैयारी, मोदी सरकार ने कसी कमर

By Shashank PandeyEdited By:
Published: Mon, 07 Oct 2019 09:59 AM (IST)Updated: Mon, 07 Oct 2019 10:22 AM (IST)

मोदी सरकार आने वाले वक्त में भ्रष्ट और आपराधिक प्रवृत्ति वाले नौकरशाहों पर सख्ती करने जा रही है।

भ्रष्टाचारी और खराब नौकरशाहों पर हंटर चलाने की तैयारी, मोदी सरकार ने कसी कमर
भ्रष्टाचारी और खराब नौकरशाहों पर हंटर चलाने की तैयारी, मोदी सरकार ने कसी कमर

नई दिल्ली, आइएएनस। मोदी सरकार अब नौकरशाही की प्रकृति में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। आपराधिक या भ्रष्टाचार के मामलों का सामना करने वाले सरकारी कर्मचारियों पर मोदी सरकार सख्ती करने वाली है। ऐसे सभी कर्मचारी मोदी प्रशासन की जांच के दायरे में है, जो उच्च अखंडता और मानकों को सुनिश्चित करने के प्रयासों के तहत नौकरशाही से बुरे तत्वों को बाहर निकालने की प्रक्रिया में है।

इस साल जून के बाद से मोदी सरकार ने दूसरे कार्यकाल के लिए पदभार संभालने के तुरंत बाद, कमिश्नर-रैंक के अधिकारियों सहित कम से कम 64 कर्मचारियों को भ्रष्टाचार सहित विभिन्न आरोपों पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई भविष्य में होने की उम्मीद है क्योंकि मोदी सरकार वार्षिक गोपनीय रिपोर्टों और अपने कर्मचारियों के अन्य विवरणों की समीक्षा कर रही है, विशेष रूप से आपराधिक या भ्रष्टाचार के मामलों का सामना कर रहे अधिकारियों की।

केंद्र सरकार ने सभी कैडर नियंत्रक अधिकारियों को ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए एक सिस्टम स्थापित करने के लिए कहा है और उनके काम के रिकॉर्ड की पूरी तरह से जांच करने के बाद उन्हें सेवानिवृत(रिटायर) करने के लिए कहा है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र ने राज्यों को उन अधिकारियों की सूची तैयार करने के लिए लिखा है जो कदाचार या भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं। कार्मिक नियंत्रण अधिकारी, आईएएस अधिकारियों के लिए कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय भी चरणबद्ध तरीके से सेवा से हटाने के लिए दागी अधिकारियों की सूची तैयार कर रहा है।

इसी तरह का काम गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय की ओर से भी किया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो ऐसे दागी अधिकारियों को हटाने के लिए सेवा नियमों में संशोधन किया जा सकता है या प्रशासनिक निर्देश जारी किए जा सकते हैं।