नई दिल्ली, एएनआइ। Martyrs' Day 2021, शहीद दिवस (Martyrs' Day) हर साल 30 जनवरी को मनाया जाता है। नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी को ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की गोली मार कर हत्या कर दी थी। बापू की पुण्यतिथि को हर साल शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।

शहीद दिवस यानी 30 जनवरी को लेकर इस बार केंद्र सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस दिन आजादी के लिए बलिदान देने वालों को याद किया जाएगा। केंद्र सरकार के नए आदेश में इस दिन को हर बार की तरह शहीद दिवस के रूप में मनाया जाना तय हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसको लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। इस नए आदेश में देश की आजादी में बलिदान देने वालों की याद में दो मिनट का मौन रखने को कहा गया है। इस दौरान कामकाज और आवाजाही पर रोक रहेगी।

गृह मंत्रालय की ओर से शहीद दिवस के लिए जो आदेश जारी हुआ है, उसमें कहा गया है कि 30 जनवरी को सुबह 11 बजे दो मिनट का मौन रखा जाएगा। इसके साथ-साथ पूरे देश में उन दो मिनट के लिए कोई कामकाज या आवाजाही नहीं होगी यानि उस दौरान पूरा देश थम जाएगा।

महात्मा गांधी ने भारत की आजादी में बेहद अहम भूमिका निभाई थी। देश की आजादी के लिए गांधी जी कई बार जेल भी गए थे। गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को गांधी को दिल्‍ली के बिड़ला भवन में शाम की प्रार्थना सभा के दौरान गोली मार दी थी।

30 जनवरी को क्यों मनाया जाता है शहीद दिवस?

महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 30 जनवरी 1948 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हर साल 30 जनवरी को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है और बापू को श्रद्धांजलि दी जाती है। इस मौके पर विशेष श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया जाता है।

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