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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

PM मोदी समेत कई नेताओं ने आदित्य-एल1 के सफल लॉन्चिंग के लिए ISRO को दी बधाई, ट्वीट कर की हौसला अफजाई

By AgencyEdited By: Babli Kumari
Published: Sat, 02 Sep 2023 01:45 PM (IST)

Aditya L1 Mission 2023 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष ...और पढ़ें

पीएम मोदी ने आदित्य-एल1 के सफल लॉन्चिंग के लिए ISRO को दी बधाई (फाइल फोटो)
पीएम मोदी ने आदित्य-एल1 के सफल लॉन्चिंग के लिए ISRO को दी बधाई (फाइल फोटो)

HighLights

  1. भारत के पहले सौर मिशन की हुई सफल लॉन्चिंग
  2. पीएम मोदी ने ISRO को आदित्य-एल1 के सफल लॉन्चिंग के लिए दी बधाई

नई दिल्ली, एजेंसी। आज भारत ने अपने पहले सौर मिशन आदित्य-एल1 को सफलता पूर्वक लॉन्च कर दिया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी। पीएम ने ट्वीट कर वैज्ञानिकों की हौसला अफजाई की है। पीएम ने ट्वीट करते हुए कहा कि "संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए ब्रह्मांड की बेहतर समझ विकसित करने के लिए हमारे अथक वैज्ञानिक प्रयास जारी रहेंगे।" 

पीएम मोदी के अलावा इस मौके पर अमित शाह ने बधाई देते हुए ट्वीट कर कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने बार-बार अपनी शक्ति और प्रतिभा को साबित किया है। भारत के पहले सौर मिशन आदित्य एल1 के सफल लॉन्चिंग पर राष्ट्र को गर्व और प्रसन्नता है। इस अद्वितीय उपलब्धि के लिए टीम @isro को बधाई। यह अमृत काल के दौरान, अंतरिक्ष क्षेत्र में पीएम @नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

आपको बता दें कि आदित्य-एल1 मिशन भारत का पहला सौर मिशन है, जिसकी मदद से भारत सूर्य से जुड़े रहस्यमयी सवालों के जवाब इकट्ठा करेगा। शनिवार सुबह 11.50 बजे श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी-सी57 श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से आदित्य एल1 ने उड़ान भरा है। यह राकेट इसे धरती की निचली कक्षा तक ले जाएगा। इसके बाद प्रापल्सन माड्यूल की सहायता से इसकी कक्षा को अधिक दीर्घवृत्ताकार किया जाएगा।

चरणबद्ध तरीके से कक्षा बदलते हुए आदित्य एल1 को लैग्रेंज प्वाइंट की तरफ पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर पहुंचाया जाएगा। पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकलने के बाद आदित्य-एल1 का क्रूज चरण शुरू होगा, जिसके बाद यह एल1 के चारों ओर की कक्षा में प्रवेश करेगा।