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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Manipur Live: 'नरक जैसा जीवन जी रहे मणिपुर के लोग, केंद्र हर मोर्चे पर फेल'; दिल्ली लौटकर बरसे विपक्षी सांसद

By AgencyEdited By: Mahen Khanna
Published: Sun, 30 Jul 2023 10:32 AM (IST)Updated: Sun, 30 Jul 2023 04:16 PM (IST)

Manipur Violence Live इंडिया गठबंधन के सांसद जहां बीते दिन हिंसा पीड़ितों से मिले तो वहीं भाजपा ने इसे नाटक ...और पढ़ें

Manipur Violence Live राज्यपाल से मिलकर दिल्ली पहुंचे सांसद।
Manipur Violence Live राज्यपाल से मिलकर दिल्ली पहुंचे सांसद।

HighLights

  1. मणिपुर दौरे पर गए विपक्षी सांसदों ने आज राज्यपाल से की मुलाकात।
  2. राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर सांसदों ने राज्य में शांति बहाली की अपील की।
  3. सांसदों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अभी तक राज्य पर ध्यान नहीं दे रही है।

मणिपुर, एजेंसी। Manipur Violence Live मणिपुर में जारी हिंसा के बाद अब राजनीति भी चरम पर पहुंच गई है। इंडिया गठबंधन के सांसद जहां बीते दिन हिंसा पीड़ितों से मिले तो वहीं भाजपा ने इसे नाटक करार दिया। विपक्षी सांसदों ने बीते दिन मणिपुर में राहत शिविरों का भी दौरा किया और लोगों से उनकी तकलीफों के बारे में जाना। 

दिल्ली वापस लौटे सांसद

मणिपुर का दो दिवसीय दौरा कर 'इंडिया' गठबंधन के सांसद वापस दिल्ली लौट आए हैं। सांसदों ने आज राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य के लोगों की समस्याओं से अवगत कराते हुए एक ज्ञापन सौंपा।

केंद्र और राज्य सरकार ने आंखे बंद की

मणिपुर से लौटने के बाद कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों ही मणिपुर के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के घरों में खाना और दवाइयां नहीं हैं, बच्चों के पास पढ़ने के लिए कोई सुविधा नहीं है। 

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने अपनी आंखें बंद कर ली हैं और लोगों को अकेला छोड़ दिया है। 

-राज्यपाल से मिले विपक्षी सांसद

मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात के बाद इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने मीडिया को संबोधित किया। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने बताया कि सभी 21 सांसदों ने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा।

अधीर रंजन ने कहा,

जब हमने राज्यपाल से बात की तो उन्होंने खुद अपना दर्द और दुख व्यक्त किया। इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान हमने जो कुछ भी देखा, वह भी हमारी बात से सहमत हुईं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि हम सभी समुदायों के नेताओं के साथ मिलकर बातचीत करें और समाधान निकालें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि विपक्ष और सत्तारूढ़ दल दोनों को मिलकर एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल मणिपुर भेजना चाहिए और बातचीत करनी चाहिए। 

-केंद्र ने मणिपुर को नजरअंदाज कियाः अधीर रंजन

मणिपुर दौरे पर गए विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मुख्य बात यह है कि मणिपुर को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि चूंकि राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने इसे नजरअंदाज किया है, इसलिए स्थिति बिगड़ रही है। जल्द से जल्द शांति बहाल होनी चाहिए।  

अधीर रंजन ने बताया कि सभी सांसदों ने राज्यपाल से अनुरोध किया जाता है कि वे केंद्र सरकार को पिछले 89 दिनों से मणिपुर में कानून और व्यवस्था के खराब हालात के बारे में अवगत कराएं।

-एक हॉल में रह रहे 500 लोग, केवल दाल-चावल मिल रहा

कांग्रेस सांसद फूलोदेवी नेताम ने कहा कि राहत शिविरों का दौरा कर पता चला कि एक हॉल में 400-500 लोग रह रहे हैं। राज्य सरकार उन्हें केवल दाल-चावल मुहैया करा रही है, बच्चों को पूरे दिन खाने के लिए और कुछ नहीं मिल रहा है। शौचालय या बाथरूम की भी कोई सुविधा नहीं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से लोग शिविरों में रह रहे हैं वह बहुत हृदय विदारक है।

छत्तीसगढ़ के सीएम ने भाजपा पर कसा तंज

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने भाजपा पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता इंडिया गठबंधन के दौरे को नौटंकी बता रही है, लेकिन स्थिति बहाल करने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 90 दिन हो गए हैं और मणिपुर जल रहा है, लेकिन डबल इंजन सरकार इसे रोकने के लिए कुछ नहीं कर रही है। वे बहाने ढूंढ रहे हैं।

-मणिपुर में हालात ठीक नहींः सुष्मिता

टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि मणिपुर के हालात अच्छे नहीं हैं, हम राज्यपाल को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपना चाहते हैं और शांति बहाल करने की अपील करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम राज्यपाल से राज्य की स्थिति के बारे में पीएम मोदी और अमित शाह को जानकारी देने के लिए कहेंगे।