Manipur Row: कुकी समुदाय ने किया हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत, न्यायालय ने रद किया था मैतेई को ST में शामिल करने का आदेश
वर्ल्ड मैतेयी काउंसिल के प्रेसिडेंट हेग्रुजम नबास्याम ने कहा कि अदालत के फैसले के बावजूद एसटी दर्जे की उनकी मांग कायम है अप्रभावित है। दूसरी तरफ जोमी काउंसिल स्टीयरिंग कमेटी के संयोजक ने फैसले का स्वागत किया। आइटीएलएफ के प्रवक्ता गिंजा वुआलजोंग ने मैतेयी समुदाय की मांग को बकवास बताते हुए कहा कि यह आदिवासियों की जमीन हथियाने जैसे उद्देश्यों से प्रेरित है।

पीटीआई, इंफाल। मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल करने पर विचार करने का आदेश रद करने के मणिपुर हाई कोर्ट के फैसले को कुकी संगठनों ने सही बताते हुए स्वागत किया है। वहीं मैतेयी संगठनों ने कहा कि वे एसटी दर्जे के लिए आंदोलन जारी रखेंगे। अनुसूचित जनजाति मांग समिति मणिपुर (एसटीडीसीएम) के महासचिव कीथेलकपम भोगेन ने कहा कि यह मुद्दा पूरी तरह न्यायिक मामला नहीं है और उन्होंने विधायकों से बातचीत समेत अपने प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया।
वर्ल्ड मैतेयी काउंसिल के प्रेसिडेंट हेग्रुजम नबास्याम ने कहा कि अदालत के फैसले के बावजूद एसटी दर्जे की उनकी मांग कायम है, अप्रभावित है। दूसरी तरफ, जोमी काउंसिल स्टीयरिंग कमेटी के संयोजक ने फैसले का स्वागत किया। आइटीएलएफ के प्रवक्ता गिंजा वुआलजोंग ने मैतेयी समुदाय की मांग को बकवास बताते हुए कहा कि यह आदिवासियों की जमीन हथियाने जैसे उद्देश्यों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि एडवांस ग्रुप होने के नाते मैतेयी समुदाय को एसटी दर्जे की मांग नहीं करनी चाहिए।
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