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    मणिपुर में पुलिस ने 9 लोगों को किया गिरफ्तार, प्रतिबंधित संगठनों से ताल्लुक; 48 घंटे में कसा शिकंजा

    By Agency Edited By: Sakshi Pandey
    Updated: Sun, 20 Apr 2025 11:08 AM (IST)

    मणिपुर में हिंसा के हालातों पर काबू पाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है। इसी के मद्देनजर पिछले 48 घंटे में पुलिस ने 9 गिरफ्तारियां की हैं। गिरफ्तार हुए सभी सदस्यों का ताल्लुक प्रतिबंधित संगठनों से है। पुलिस ने इंफाल घाटी के अलग-अलग इलाकों से इन लोगों को गिरफ्तार किया है। 13 फरवरी 2025 से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है।

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    मणिपुर में प्रतिबंधित संगठन के 9 सदस्य गिरफ्तार। प्रतीकात्मक तस्वीर

    इंफाल, पीटीआई। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद भी हालात पूरी तरह से सामान्य नहीं हुए हैं। बीते 48 घंटे में इंफाल घाटी से 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह सभी लोग प्रतिबंधित संगठनों के सदस्य हैं, जिनकी गिरफ्तारी मणिपुर के अलग-अलग जिलों से हुई है।

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    शनिवार को इंफाल पूर्व जिले के नोंगडम गांव से यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF-पंबेई) के 2 सदस्यों को हिरासत में लिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार यह दोनों आरोपी जबरन वसूली में शामिल थे।

    शुक्रवार से शुरू हुई गिरफ्तारी

    इससे पहले शुक्रवार को पुलिस ने विष्णुपुर जिले के निंगथौखोंग वार्ड नंबर 13 से भी एक शख्स को गिरफ्तार किया था। इसका संबंध कांगलीपक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी-तैबंगानबा)से बताया जा रहा है।

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    इंफाल घाटी में पकड़े गए आरोपी

    इसके बाद शुक्रवार को ही इंफाल पश्चिम जिले के सलाम ममंग लाइकाई इलाके से भी केसीपी (एमएफएल) के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। यह दोनों आरोपी भी जबरन वसूली के मामले में शामिल थे। वहीं, इंफाल पूर्व के क्याम्गेई से प्रोपक (पीआरओ) संगठन का एक सदस्य भी गिरफ्तार किया गया है।

    सक्रिय सदस्य गिरफ्तार

    रिपोर्ट्स के अनुसार इंफाल पूर्व जिले से केवाईकेएल संगठन औक यूपीकके संगठन के एक-एक सदस्यों को भी पकड़ा गया है। वहीं, संजेनबम शांगशाबी गांव से प्रोपक संगठन का एक और सक्रिय सदस्य गिरफ्तार हुआ है।

    फरवरी में लगा था राष्ट्रपति शासन

    बता दें कि मई 2023 से मणिपुर में हिंसा शुरू हुई थी। मैतई और कूकी समुदाय के बीच चल रही हिंसा में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। मणिपुर में बिगड़ते हालातों को देखते हुए केंद्र सरकार ने 13 फरवरी 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था।

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