क्लीनिकल ट्रायल में हिस्सा लेने के बाद युवक की हुई मौत, भाई ने आरएंडडी कंपनी पर लगाया बड़ा आरोप
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक 33 वर्षीय व्यक्ति की मौत से हड़कंप मच गया। युवक अपने भाई के घर पर मृत मिला है। पुलिस ने भाई की शिकायत पर मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। भाई का आरोप है कि एक आरएंडडी कंपनी के क्लीनिकल ट्रायल में उसका भाई शामिल हुआ था। इस परीक्षण में शामिल होने के बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ी है।

पीटीआई, बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक 33 वर्षीय व्यक्ति की मौत से हड़कंप मच गया। युवक अपने भाई के घर पर मृत मिला है। पुलिस ने भाई की शिकायत पर मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
भाई का आरोप है कि एक आरएंडडी कंपनी के क्लीनिकल ट्रायल में उसका भाई शामिल हुआ था। इस परीक्षण में शामिल होने के बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ी है। भाई ने क्लीनिकल ट्रायल को मौत का जिम्मेदार बताया है।
क्या दवाओं की वजह से हुई मौत?
पुलिस ने मृतक युवक की पहचान नागेश वीरन्ना के तौर पर की है। 22 जनवरी को उसके भाई ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज की। नागेश अपने भाई के जलाहल्ली स्थित घर में मृत मिला था। भाई रेवन्ना सिद्दप्पा का कहना है कि उसके भाई की मौत क्लीनिकल ट्रायल के दौरान दी गईं कई दवाओं के दुष्प्रभावों के कारण हुई है।
कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं थी: भाई
जलाहल्ली पुलिस थाने के एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि हमने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 194 (3) के तहत अप्राकृतिक मौत के रूप में शिकायत दर्ज की है। मामले की जांच की जा रही है। भाई सिद्दप्पा के मुताबिक क्लीनिकल ट्रायल में हिस्सा लेने से पहले उसके भाई नागेश वीरन्ना को स्वास्थ्य सबंधी कोई समस्या नहीं थी।
दिसंबर में कराया गया था भर्ती
पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक पिछले साल दिसंबर में नागेश वीरन्ना को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के बाद एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था, जब आर एंड डी कंपनी ने उनसे संपर्क किया और परीक्षण के तहत गोलियां और इंजेक्शन देने की पेशकश की।
रात में खाना खाकर सोया... सुबह नहीं उठा
शिकायत के मुताबिक 21 जनवरी की रात दोनों भाइयों ने साथ में खाना खाया। इसके बाद दोनों सोने चले गए। मगर सुबह जब भाई सिद्दप्पा ने नागेश को जगाने की कोशिश की तो वह नहीं उठा।
सिद्दप्पा ने तुरंत आरएंडडी कंपनी के डॉक्टर से संपर्क किया और मामले की जानकारी दी। इसके बाद डॉक्टर ने नागेश को उसी अस्पताल में भर्ती कराने को कहा, जहां उसका इलाज पहले भी हो चुका था। मगर वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने नागेश को मृत घोषित कर दिया। अब भाई की शिकायत पर बेंगलुरु पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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